हर बोरी पर हो रही थी डेढ़ रुपये अवैध वसूली, जांच में खुला मामला
सिद्धार्थनगर। भारतीय खाद्य निगम डिपो के केंद्रीय भंडारण केंद्र डुमरियागंज में पीडीएस खाद्यान्न की लोडिंग के साथ ही कस्टम चावल और गेहूं के उतारने में अवैध वसूली का मामला सामने आया है। डिप्टी आरएमओ की अगुवाई वाली जांच टीम को शिकायत की पुष्टि मिली। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को पत्र भेजकर ठेका निरस्त करने, डिपो प्रबंधक की ओर से बरती गई शिथिलता पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
डीएम को एफसीआई डुमरियागंज में खाद्यान्न लोडिंग के साथ ही कस्टम चावल, गेहूं के उतारने में ट्रक चालकों से ठेकेदार एवं मजदूरों की ओर से प्रति बोरी 1.50 रुपये अवैध वसूली की शिकायत मिली। उन्होंने डिप्टी आरएमओ राजीव कुमार पटेल की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम ने पाया कि कस्टम चावल, गेहूं कंसाइनमेंट की भारी मात्रा में एफसीआई की ओर से रिसीविंग काफी समय से लंबित थी, मौके पर रिसीव कराया गया।
खाद्य विभाग के ठेकेदार से जुड़े लोगों ने बनाया कि पीडीएस ट्रकों की लोडिंग के लिए मजदूरों की ओर से 1.50 रुपये प्रति बोरी लिया जाता है। धनराशि न देने पर वाहनों को किनारे कर दिया जाता है जिससे सर्वाजनिक वितरण प्रणाली का कार्य प्रभावित होता है।
डिपो के मजदूरों ने भी ठेकेदार की ओर से अवैध धनराशि ली जाती है। इतना ही नहीं, क्र य गेहूं की अनलोडिंग पर 10 रुपये प्रति क्विंटल ट्रक चालकों से लिया जाता है। पीडीएस ट्रक की लोडिंग के लिए 75 पैसे प्रति बोरी दिया जाता है। डीएम ने प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को भेजे हैंडलिंग ठेकेदार की ओर से पल्लेेदारों को पारिश्रमिक का भुगतान न करने, मजदूरों को प्रेरित कर अवैध डाला वसूली कराने के मद्देनजर ठेका निरस्त करने, एफसीआई डिपो सीडब्ल्यूयू डुमरियागंज के डिपो प्रबंधक के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की है।