सिद्धार्थनगर। अगर अभी लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो तो जिले में 300 करोड़ से अधिक के विकास कार्य अटक जाएंगे। इनमें बंधों की मरम्मत और सड़कों के निर्माण संबंधी ऐसे कार्य शामिल है जिन्हें चुनाव बाद कराना चुनौती होगी। कारण मई तक चलने वाली चुनावी प्रक्रिया के बाद जून में बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। जिसमें न तो बंधों की मरम्मत हो सकती है और न ही सड़कों का निर्माण। जर्जर बंधों से बाढ़ में त्रासदी का खतरा रहेगा ही, गड्ढा बन चुकी सड़कों से आठ माह तक गुजरना राहगीरों की मजबूरी भी होगी।
जिले की दो नगर पालिका व नौ नगर पंचायत समेत 11 नगर निकायों में विकास कार्यों की 300 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाएं शासन में लंबित है। वहीं 50 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की स्वीकृति मिल चुकी है व 40 करोड़ परियोजनाएं स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं। इसी तरह जिले की 1136 ग्राम पंचायतों, 14 ब्लॉकों एवं जिला पंचायत की तरफ से भी डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति मिल चुकी है। अगर अभी लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाए तो इन परियोजनाओं की निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकेगी।
बांध मरम्मत व कटान निरोधक परियोजनाएं लंबित
जिले में 400 किमी से अधिक लंबे 39 बंधों की मरम्मत और कटान स्थलों पर बचाव कार्य के लिए सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड एवं निर्माण खंड की तरफ से 30 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाएं शासन को भेजी गई हैं। जिनमें कुछ स्वीकृति की प्रक्रिया में है, अगर इन परियोजनाओं पर धन आवंटित होता है और चुनाव घोषणा हो जाती है तो यह कार्य लंबित हो जाएंगे। चुनाव बाद बारिश का मौसम शुरू होने से इन पर कार्य नहीं हो सकेंगे। जिससे बारिश के मौसम में इन जर्जर बांधों के टूटने से मचने वाली तबाही का खतरा रहेगा।
कई सड़कों का निर्माण कार्य हो सकता है ठप
जिले में स्थित पीडब्लूडी के तीन खंडों की तरफ से 250 से अधिक सड़कों की मरम्मत व पुर्ननिर्माण के प्रस्ताव के सापेक्ष धन आवंटित हो चुका है। 70 करोड़ से अधिक लागत से निर्मित होने वाली इन सड़कों पर चुनाव का प्रभाव पड़ना तय है। अगर इनका निर्माण अधिसूचना के पहले नहीं शुरू हुआ तो चुनाव में कार्य नहीं हो सकेगा। चुनाव बाद जून से बारिश का मौसम होने से सड़क निर्माण अथवा मरम्मत कार्य नहीं हो सकेगा।
चुनावी ड्यूटी से प्रभावित होंगे विकास कार्य
चुनाव में सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगने से भी विकास कार्य प्रभावित होते है। इनमें सर्वाधिक निर्माण कार्य विकास विभाग के कर्मियों की ड्यूटी से ठप हो जाते है। साथ ही पीडब्लूडी, सिंचाई व नगर निकाय कर्मियों के भी चुनावी ड्यूटी करने से विकास कार्य प्रभावित होते है। लोकसभा के आम चुनाव में इनके समेत कृषि, बिजली, वन विभाग समेत अन्य अधिकारियों व कर्मियों की ड्यूटी से विभागीय कार्य के साथ ही विकास एवं निर्माण कार्य प्रभावित रहता है। अधिकारी एवं कर्मचारी चुनाव बाद ही खाली हो सकेंगे।
शुरू हो चुका है उद्घाटन एवं शिलान्यास का दौर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जिले के 13 स्थानों पर 40 कार्यों समेत पूरे प्रदेश के पुलिस विभाग की कई करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। वहीं सोमवार को रेलवे स्टेशन बढ़नी व सिद्धार्थनगर पर हुए निर्माण कार्य का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण किया था। इसी दिन इटवा में कई सड़क की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण हुआ। कुछ विभागों की तरफ से जिले में जल्द ही अन्य कई परियोजनाओं के निर्माण कार्य शिलान्यास एवं लोकार्पण प्रस्तावित है।
नई रेल लाइन और एनएच निर्माण पर नहीं पड़ेगा प्रभाव
जिले के बांसी व डुमरियागंज से गुजरने वाली खलीलाबाद से बहराइच नई रेल लाइन का निर्माण कार्य चुनावी अधिसूचना से प्रभावित नहीं होगा। 4940 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत जिले में आठ रेलवे स्टेशनों का निर्माण होगा। इसी तरह एनएच 730 पर पांच सौ करोड़ की लागत से उसका से शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क निर्माण कार्य भी लोकसभा चुनाव शुरू होने प्रभावित नहीं होना है। इसके निर्माण कार्य का टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुका है, जल्द ही इस पर निर्माण शुरू हो जाएगा।
लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पूर्व जिन परियोजनाओं का कार्यादेश जारी हो चुका है, उन पर कार्य जारी रहेगा। अधिसूचना के दौरान नए कार्य की स्वीकृति, धन आवंटन, शिलान्यास अथवा लोकार्पण नहीं हो सकेगा। अधिसूचना के चलते जो विकास कार्य लंबित होंगे, उन्हें अधिसूचना समाप्त होने के बाद पूर्ण कराए जाएंगे।
-जयेंद्र कुमार, सीडीओ