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हॉटस्पाट गांवों में पुलिस का पहरा, घर में कैद हुए लोग

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हॉटस्पाट गांवों में पुलिस का पहरा, घर में कैद हुए लोग
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कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद चेतिया, नदवलिया, भादमुस्तकहम गांव में आवाजाही पर रोक, मुसीबतें बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। दरियादिली से बाहरियों का स्वागत किया। महानगरों से लौटने के बाद उन्हें उनके घरों में रहने दिए। जब वे संक्रमित निकले गए तो हमारी जिंदगी पर बंदिशें लग गईं। गांव को हॉटस्पाट घोषित करके सील कर दिया गया है। कैद की तरह से जिंदगी काटनी पड़ रही है। यह हॉटस्पाट घोषित असिधवा, नदवलिया और भादमुस्तकहम गांव के लोगों दर्द है। इन गांवों में कोरोना के दो से अधिक मामले मिलने के बाद सील कर दिया गया है। आवाजाही पर पूर्ण रूप से पाबंदी है। अब लोग गांव और अपने घरों में कैद हैं, डर के साये में उनका समय कट रहा है। मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के असिधवा गांव में कोरोना के चार संक्रमित मरीज मिलने के बाद गांव को हॉटस्पाट घोषित कर दिया गया है। बुधवार को गांव की पड़ताल की गई तो गांव के मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग लगा हुआ था। वहां पर पुलिस मुस्तैद दिखी। उनके बात की गई तो उन्होंने बताया कि में प्रवेश करने वाले हर मार्ग सील किए गए हैं। गांव निवासी राजेश वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गांव सील होने से सबसे अधिक दिक्कत छोटे बच्चों को हैं। दूध वाले डर से गांव में नहीं आ रहे हैं। वहीं गोलू का कहना था कि अगर बाहरी गांव में न आते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। गांव के गिरीश ने बताया कि अपने गांव में हम लोग कैद हो चुके हैं, सोचा नहीं था कि यह दिन आएगा। गांव सील होने से बहुत दिक्कत हैं। गांव के मोल्हू ने बताया कि कोरोना तक ठीक था, खुद सुरक्षित होकर जरुरत के सामान लेने के लिए चले जाते थे। मगर अब गांव से निकला मुश्किल हो गया है। बाहर जाने और लोगों से बात करने से भी डर लग रहा है। सील होने से काफी दिक्कत है। वहीं नदवलिया गांव की पड़ताल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। गांव में दो संक्रमित मरीज मिलने के बाद गांव को सील कर दिया गया है। पकड़ी बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक गांव में छह स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और हर रास्ते सील हैं। गांव के अताउल्लाह, वसीउल्लाह, रमजान, मोफिक अहमद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गांव के हर तरफ फोर्स लगी हुई है। डर के साये में हम लोग जी रहे हैं। प्रशासन तक तो व्यवस्था करा रहा है, लेकिन जरूरत की सभी वस्तुएं नहीं मिल पा रही हैं। गांव सील होने से कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कुछ यही हाल सीमा से सटे हॉटस्पाट में घोषित भाद मुस्तकहम गांव का है। एडीएम ने बताया कि हॉटस्पाट घोषित हुए गांव में रोजमर्रा के सामनों की आपूर्ति का निर्देश दिया गया है। वहां पर चिन्हित व्यक्ति को ही जाने दिया जा रहा है। ग्रामीणों की को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने पाएगा। गांव पर प्रशासन की पूरी नजर है।
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पशुओं के चारे की दिक्कत
गांव के कुछ पशु पालकों का कहना था कि गांव सील होने से काफी दिक्कत है। व्यक्ति तो कुछ भी खाकर रह जाएगा। मगर पशुओं के लिए दिक्कत हो रही है। गांव के बाहर जाना नहीं, ऐसे में चार की व्यवस्था करने में दिक्कत हो रही है।
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