पर्यटन उद्योग के बढ़ने की जगी उम्मीद
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण के दौर में विदेशी पर्यटकों की संख्या शून्य हो गई थी। अब 20 नवंबर से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए वीजा जारी होने की शुरू होने जा रही प्रक्रिया से पर्यटन उद्योग बढ़ने की उम्मीद जगी है। कपिलवस्तु समेत नेपाल में स्थित बौद्ध स्थलों पर आने विदेशी पर्यटकों से ही सरकार समेत विभिन्न व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी फायदा होता है।
कोरोना संक्रमण के दौर के पहले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही थी, जबकि अब विदेशियों का आगमन शुरू होने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की चुनौती होगी। वर्ष 2017 में 32000, 2018 में 36000, 2019 में 41000 विदेशी पर्यटक आए थे। दिसंबर 2019 से विदेशीय पर्यटक नहीं आ रहे हैं। पर्यटन सूचना अधिकारी मकबूल अंसारी के अनुसार, वर्ष 2020 में स्थानीय पर्यटकों की संख्या में 80 और 2021 में स्थानीय पर्यटकों की संख्या 70 प्रतिशत कमी आ गई है।
उधर नेपाल सीमा खुलने से नेपाल के लुंबिनी की तरफ से भी विदेशी पर्यटक कपिलवस्तु आने लगेंगे। कपिलवस्तु में बौद्ध मतावलंबियों के देश श्रीलंका, जापान, थाइलैंड, दक्षिण कोरिया से विदेशी पर्यटक आते हैं। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अरविंद राय का कहना है कि पर्यटन उद्योग का बढ़ावा देने के सरकार के तरफ से प्रयास किया जा रहा है, जल्द ही इसके परिणाम दिखने लगेंगे।
लेजर शो की है योजना
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के सामने पर्यटन विभाग की 42 एकड़ भूमि है। इसमें 22 एकड़ भूमि में बुद्घा पार्क बनाने का कार्य शुरू है। बाद में इस क्षेत्र में 17 करोड़ रुपये के बजट से मेडिटेशन सेंटर बनाया जाएगा। इस स्थान पर डिजिटल गैलरी, लाइट साउंड, लेजर शो आदि की सुविधाएं बढ़ाने की योजनाएं हैं, ताकि विदेशियों को लुभाने में मदद मिले।
विकास कार्यों में आयी तेजी
जिले के मुुख्य पर्यटन स्थल कपिलवस्तु में पर्यटन विकास के लिए 40.95 करोड़ की योजनाओं पर कार्य शुरू हुआ है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से शुरू की गई स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत पर्यटन विभाग विश्वविद्यालय के सामने 40.95 करोड़ रुपये के बजट से बुद्घा थीम पार्क बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत हेलीपैड बना दिया गया है, लेकिन गुजरात की तर्ज पर अनुबंधित संस्था के माध्यम से हेलीकाप्टर की सेवा शुरू करने की योजना धरातल पर नहीं उतरी है।