संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। चाय आम भारतीयों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में मेहमान नवाजी में चाय की मांग न हो तो लोगों को अधूरा पन महसूस होता है। किसी भी कार्य अथवा थकान में चाय के शौकीन इसकी एक चुस्की से तरोताजा होते हैं। वर्तमान में परंपरागत ही नहीं हर्बल चाय का स्वाद भी लोगों को भा रहा है। 21 मई को ही अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है।
शहर से गांव तक हर घर में सुबह को अदरक व इलायची वाली चाय लोगों को लुभाती है। शौकीन इसे पीने के बाद ही दिन की शुरुआत करते हैं। चाय के शौकीनों के अनुसार हर सुबह की शुरुआत हो या शाम की महफिल, चाय हमेशा हमारे दिन का सबसे प्यारा हिस्सा होती है। उसकी एक चुस्की में सुकून है, अपनापन है और ढेर सारी यादें भी, यानी चाय उन सभी खास लम्हों को सेलिब्रेट करने का दिन है, जो हमने चाय के कप के साथ बिताए हैं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शरदेंदु त्रिपाठी, डॉ. प्रदीप पांडेय व डॉ. हसमतुल्लाह बताते हैं कि चाय सिर्फ एक पेय नहीं, एक एहसास है।