उत्तराखंड व नेपाल में ज्यादा बारिश से आई बाढ़ : डॉ. महेंद्र
सिद्धार्थनगर। जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तराखंड और नेपाल में ज्यादा बारिश के कारण नदियों को जलस्तर में तेजी से बढ़त हुई है। इस लिए बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। फिर सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री देने के साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य कर रही है, जिसका नतीजा है कि जिले में बाढ़ से कोई जनहानि नहीं हुई है।
मंगलवार को पुलिस लाइंस सभागार में वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह जिले में बाढ़ से संबंधित जानकारी लेने और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री का वितरण करने के लिए आए थे। कहा कि पूर्व की सरकारों ने बाढ़ से बचाव के लिए दी जाने वाली धनराशि को अप्रैल माह में दिया जाता था, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह धनराशि जनवरी माह में ही दे दी गई।
काम समय पर हुए, इस लिए कहीं बांध टूटने और अन्य हानि होने जैसी बात सामने नहीं आई। जबकि पिछले वर्ष 800.2 मिलीमीटर बारिश हुई थी। वहीं इस वर्ष जिले में अब तक 1000 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो बहुत अधिक है। पानी भी पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक समय से टिका हुआ है। इसके बाद भी कहीं कोई बड़ी क्षति नहीं हुई यह पहले की तैयारी की देन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की उन्नति और उनको सुविधाएं पहुंचाने का कार्य कर रही है। इस सरकार में घोषणा नहीं, काम होता है।
मंत्री ने वितरण की राहत सामग्री
सिद्धार्थनगर। जलशक्ति मंत्री ने बाढ़ प्रभावित गांव धौरीकुईयों के लोगों मेें राहत सामग्री का वितरण किया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें भेजा है। वह उनके प्रतिनिधि के रूप में आए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए सरकार और प्रशासन खड़ा है। इसमें किसी को दिक्कत नहीं होगी। सभी को सुविधाएं मिलेंगी। इस दौरान मंत्री ने 100 से अधिक लोगों को स्वयं राहत सामग्री वितरण किया। इस दौरान बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सतीशचंद द्विवेदी, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष गोविंद माधव आदि मौजूद रहे।
पीड़ितों तक समय से पहुंचाएं सहायता
सिद्धार्थनगर। जलशक्ति मंत्री ने राहत सामग्री वितरण करने के बाद पुलिस लाइंस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। जलशक्ति डॉ. महेंद्र सिंह ने नदियों का जलस्तर की जानकारी ली। इसके साथ ही जनपद में बाढ़ प्रभावित तहसीलों तथा बाढ़ के संबंध में की गई कार्यों के बारे में जानकारी ली।
डीएम दीपक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के सभी तहसील, विकास खंड बाढ़ से प्रभावित हैं। जिला में बाढ़ प्रभावित गांव 317, मैरूंड गांव 115, कृषि क्षेत्र 21001.308 हेक्टेयर बाढ़ से प्रभावित है। जनपद में 69 बाढ़ चौकियां 49 राहत केंद्र तथा 33 बाढ़ शरणालय हैं। 71 मेडिकल टीम लगाई गई है। जनपद की एनडीआरएफ एवं पीएसी की टीम सक्रिय है। जनपद में 115 नाव तथा 16 मोटर बोट संचालित है। बाढ़ प्रभावित कुल 5175 निशुल्क खाद्यान्न पैकेट व 11315 लंच पैकेट का वितरण किया जा चुका है। मंत्री ने ग्राम पंचायत वार ग्राम विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए गांव में आवश्यक सुविधाएं कपड़ा, लंच पैकेट, प्रकाश की व्यवस्था, मोबाइल चार्ज तथा पीने के लिए पानी आदि मूल व्यवस्थाओं को कराने का निर्देश दिए।