मंत्री के पहुंचने की सूचना पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीना वर्मा निरीक्षण के दौरान पहुंच गईं। बेहतर सफाई की मानीटरिंग के लिए हास्पिटल मैनेजर डॉ. अनूप कुमार यादव को हिदायत दी गई। इस दौरान प्राचार्य ने मंत्री को विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने समक्ष स्तर पर वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर अनुपस्थित डॉक्टरों-स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस दिया गया।
आनन-फानन पहुंचे चिकित्सक, कर्मी
संयुक्त जिला चिकित्सालय में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री की खबर सुनते ही आनन-फानन में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मंत्री के अचानक पहुंचने और उनके तेवर के बारे में चर्चाएं होती रहीं। लगभग एक घंटा के निरीक्षण में सभी सतर्क दिखे।
अधिकारियों ने गिनाईं समस्याएं
निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि नियम के अनुसार स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के लेबर रूम में आठ स्टॉफ नर्स दी जानी चाहिए, जो नहीं मिली हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने एनएचएम के एमडी से बात की। इस मौके पर जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में अतिरिक्त डॉक्टर और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने की बात सामने आई। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि हर स्थिति में सभी डॉक्टर स्वास्थ्य कर्मी नियमित अस्पताल पहुंचेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 24 घंटे के अस्पताल में तीन रोटेशन के अनुसार डॉक्टर-स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी करते हैं।