सिद्धार्थनगर जिले के एसओजी और सदर पुलिस की संयुक्त टीम से सोमवार भोर में क्षेत्र के सनई-पकड़ी मार्ग पर स्थित विनैका गांव के पास मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से गोलियां चलीं। एक दरोगा के बाएं हाथ में गोली लगी। पुलिस की फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। घेराबंदी करके टीम ने तीन अन्य बदमाशों को दबोच लिया।
घायल दरोगा और बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ में घायल बदमाश पशु तस्करों का सरगना है और उसके खिलाफ पशु क्रूरता के कई मुकदमे आसपास के जनपदों में दर्ज हैं। बदमाशों के पास से दो तमंचे, दो बाइक भी बरामद की है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
सदर थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि सोमवार की भोर में एसओजी प्रभारी जीवन त्रिपाठी को मुखबिर से सूचना मिली कि पशु तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य सनई-पकड़ी मार्ग से होकर गुजरने वाले हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए सदर कोतवाली केडी सिंह के साथ संयुक्त टीम गठित करके बताए हुए स्थान पर पहुंच गए। उसी बीच विनैका गांव के पास नहर पुल के पास दो बाइक से चार लोग आते हुए दिखे। पुलिस टीम ने रोकने की कोशिश की तो उधर से फायरिंग होने लगी। गोली एसआई चंदन कुमार के दाहिने हाथ में लगी।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक गोली बदमाश मुहर्रम के दाहिने पैर में लगी। घेराबंदी करके मौके से दो बाइक चार बदमाशों को पकड़ा गया। बदमाशों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस और दो बाइक को बरामद किया गया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान तौफीक, सेराज निवासी जंगल बिहुली बंजारा टोला थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर, मोहर्रम निवासी कुशीनगर है। वह मौजूदा समय में अपनी ससुराल जंगल बिहुली बंजारा टोला थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर में रहता है। उसके अलावा तीसरा बदमाश धर्मदेव निवासी बिलरियागंज थाना बिलरियागंज जनपद आजमगढ़ है। घायल बदमाश और दरोगा को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
पशु तस्करों के गिरोह का सरगना है मुहर्रम
पुलिस के मुताबिक, मुहर्रम पशु तस्करी गिरोह का सरगना है। उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अयोध्या, देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर में 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह अयोध्या, बस्ती और कुशीनगर में पशु क्रूरता के मामले में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, वह गैंग को संचालित करता है।
बलरामपुर से बिहार तक फैला है गैंग का जाल
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मुहर्रम ही गैंग का सरगना है। वह वाहन तो तैयार करने के लिए साथ पशुओं को लदवाने, रेकी करने और पशुओं ले जाते समय आगे-आगे चलनेे का कार्य करता था। पूछताछ में यह भी बात सामने आई है कि पशुओं को बलरामपुर से लादकर कुशीनगर होते हुए बिहार के गोपालगंज जिले में प्रवेश करता है। यहां से पशु बंगाल भेजे जाते हैं। इसमें छोटे पशुओं को पैर बांधकर ट्रक में आगे कर देते हैं। पकड़े न जाएं, इस लिए पीछे आलू, प्याज या फिर भंगार लाद देते हैं।
ट्रक खराब होने के बाद भागे थे बदमाश
उसका थाना क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व पशुओं से लदे ट्रक को छोड़कर यही गिरोह भागा था। बलरामपुर के तुलसीपुर से लादकर चौरपुरवा से कुशीनगर के रास्ते बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे। ट्रक का रिडेवेटी खराब होने के कारण पशुओं को छोड़कर मौके से फरार हो गए थे। बलरामपुर से वह पशुओं को लादकर ला रहे थे।
कई बड़े लोग शामिल
बताया यह भी जा रहा है कि पशु तस्करी के इस धंधे में बलरामपुर में कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। उनके संरक्षण में पशु तस्करों का यह गिरोह पशुओं को एक करके उन्हें लादने से लेकर ट्रक को भेजने का कार्य करते हैं। यहां तक पकड़े जाने के बाद दबाव बनाते हैं। अगर सही तरह से जांच हो कई तो कई चेहरे बेनकाब होंगे।