: बांसी तहसील के बेलौहा बाजार एवं कुर्थिया में किया गया आवासीय पट्टे में खेल
: डीएम डॉ. राजागणपति आर के निर्देश पर जांच में खुलासा के बाद हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के विभिन्न स्थानों पर स्थित बेसकीमती सरकारी भूमि का 103 अपात्रों को किया गया आवासीय पट्टा निरस्त कर दिया गया है। साथ ही अवैध पट्टा आवंटित करने वाले दो लेखपाल व दो राजस्व निरीक्षक निलंबित कर दिया गया है। बेलौहा बाजार में गोरखपुर मार्ग एवं कुर्थिया समेत विभिन्न स्थानों पर करोड़ों रुपये कीमती सरकारी भूमि का अपात्रों को पट्टा करने के मामले में शिकायत हुई थी। डीएम डॉ राजागणपति आर के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बांसी तहसील के ग्रामसभा कुर्थिया एवं बेलवा लगुनही (बेलौहा बाजार) में वर्ष 2022 एवं 2023 में सड़क किनारे की सरकारी भूमि अपात्रों को आवास बनाने के लिए पट्टा कर दिया गया। डीएम के निर्देश पर इसकी जांच हुई। जिसमें खुलासा हुआ कि जिन्हें आवासीय पट्टा दिया गया, उनमें कई लोगों के पास पहले से ही आवास एवं भूमि था। यहां तक कि जिनके पास सोने चांदी की दुकान एवं अन्य व्यवसायिक कारोबार थे, उन्हें आवासीय पट्टा आवंटित किया गया है। साथ ही जिनके पास पहले से ही भूमि व मकान था और जिनको नेवासा तक की भूमि मिली हुई है, उन्हें आवासीय पट्टा दिया गया। इसमें बेलौहा बाजार में सरकारी भूमि गाटा संख्या 420, 422 बांसी गोरखपुर मार्ग पर, गाटा संख्या 411 खेसरहा ब्लॉक कार्यालय के पास स्थित है। गाटा संख्या 151 व 179 बेलौहा नासिरगंज मार्ग पर स्थित व्यवसायिक महत्व की भूमि है। गाटा संख्या 422 बांसी-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर स्थित व्यवसायिक महत्व की भूमि है। मामले में तत्कालीन लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक की आख्या को नायब तहसीलदार के अग्रसारित करने के बाद तत्कालीन एसडीएम बांसी ने पट्टे की पत्रावली स्वीकृत की थी। इसमें किसी भी पत्रावली का परीक्षण या अग्रसारण तहसीलदार के स्तर से नहीं किया गया था। जांच टीम ने रिपोर्ट दिया कि ग्राम सभा की बेसकीमती भूमि का अपात्रों को आवंटित कर देने से सरकार की अपूरणीय क्षति हुई है। जिसके बाद डीएम डॉ. राजागणपति आर के निर्देश सभी 103 अपात्रों का पट्टा निरस्त कर दिया गया। साथ ही दोनों क्षेत्रों के तत्कालीन दो हल्का लेखपाल सुनील व एक अन्य एवं दो राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को निलंबित कर दिया गया है। मामले में अन्य अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
इनके पास था पहले से आवास, कर दिया पट्टा
जांच में खुलासा हुआ कि बांसी तहसील क्षेत्र के ग्राम कुर्थिया में केवली, मीरा देवी, रामदुलारे, अन्नादेवी, माला देवी, सुनीता, मंजू, चंदा देवी, संध्या, शांति, जानकी 56 लोगों को आवासीय पट्टा दिया गया। इन लोगों के पास पहले से ही अन्य जगह पर आवास था। इसके बावजूद उन्हें ग्रामीण बाजार एवं मुख्यमार्ग से सटे कीमती सरकारी भूमि आवंटित कर दिया गया। ग्राम कुर्थिया बांसी से गोरखपुर एवं बांसी से बस्ती मार्ग को जोड़ने मार्ग पर स्थित है, जहां पुलिस चौकी समेत स्थानीय बाजार भी है।
पहले बनाया आवास, फिर कराया पट्टा
बांसी तहसील के ग्राम सभा बेलवा लगुनही (बेलौहा बाजार) में खेसरहा ब्लॉक कार्यालय के पास स्थित सरकारी भूमि जिन लोगों ने पहले से ही आवास बना रखा था, उन्हें ही अवैध तरीके से आवासीय पट्टे का आवंटन कर दिया गया। इनमें ताहिरा, कमीला खातून, सत्तन यादव, अरबुन्निशा, सलमा आदि शामिल है। इस ग्राम सभा में 47 अपात्रों को आवासीय पट्टे का आवंटन किया गया था। इन आवासीय पट्टेदारों में अधिकांश को .007, .008, .009 व .010 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गयी थी।
पति व पत्नी दोनों को दे दिया पट्टा
बेसकीमती सरकारी भूमि के आवासीय पट्टा आवंटन में खेल करते हुए राजस्वकर्मियों ने पति और पत्नी दोनों का पट्टा आवंटित कर दिया है। पट्टा पाने वाली आवंटी अबरुत्रिशा के पति जब्बार, आवंटी ताहिरा के पति मुमताज, आवंटी अरबुत्रिशा के पति अकबर अती, आवंटी सहिदुत्रिशा के पति रईस, आवंटी आशिया के पति अती रजा, आवटी मैमुत्रिया के पति सफिजुल्लाह व आवंटी विंद्रावती के पति रामचरन को पट्टा भूमि आवंटित किया गया है। इस तरह पत्नी को आवासीय एवं पति को अन्य भूमि पट्टा कर लाभान्वित किया गया।