सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में सात दिवसीय एनएसएस कैंप का समापन बुधवार को हुआ। इसमें स्वयं सेवकों ने क्षेत्र के संग्रामपुर गांव में जाकर लोगों की सफाई की। उन्हें स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। युवाओं ने कहा कि कैंप के माध्यम से गांव की मिट्टी व लोगों से नई जानकारी मिली।
स्वयंसेवकों ने सात दिनों तक गांव के लोगों को नई-नई तकनीकों को सीखा। गांव की महिलाओं ने बताया की गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं हैं और महिलाओं को कार्य करने पर प्रतिबंध भी लगाया गया। शिक्षा वंचित बच्चों के विद्यालय जाने पर जोर दिया। साथ ही बच्चों के पढ़ाई का जिम्मा भी उठाया। गांव को स्वच्छ रखने पर विशेष जोर दिया। लोगों को अपने घर के आसपास साफ-सफाई करने के लिए कहा। स्वयंसेवकों ने संग्रामपुर गांव के लोगों को आने वाले चुनाव में सत प्रतिशत मतदान करने के लिए शपथ दिलाई। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी यशवंत यादव ने बताया की गांव में रहकर युवाओं ने लोगों को जागरूक किया। खुद भी जागरूक होकर लोगों को स्वच्छता, पढ़ाई, स्व रोजगार, मतदान के लिए जागरूक किया।
सर्वे में पता चला कि गांव के कुछ बच्चियां पढ़ाई नहीं करती हैं। ऐसे परिवार मिलकर उनसे विद्यालय भेजने की बात की गई। सभी स्वयंसेवकों ने पढ़ाई में मदद करने का भी आश्वासन दिया।
रूपाली कुमारी, छात्रा
सात दिवसीय कैंप में पता चला की गांव की महिलाओं के पास रोजगार नहीं हैं। महिलाओं ने बताया की गांव में रोजगार की व्यवस्था नहीं हैं। उन्हें स्वयं सहायता समूह के बारे में जानकारी दी गई और जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
-नेहा चौधरी, छात्रा