पिपराझाम स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्म शंकर त्रिपाठी। सोशल मीडिया
कसया। देवरिया के बरहज में सपा के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे सपा नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी और प्रधान संघ जिलाध्यक्ष अकबर अंसारी को बृहस्पतिवार को सुबह ही कसया पुलिस ने जनरबंद कर दिया। इस पर सपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।
बताया जा रहा है कि जिला समाजवादी पार्टी की ओर से बरहज में धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें शामिल होने के लिए दोनों नेता रवाना होने वाले थे। इसी दौरान पुलिस ने पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को उनके पिपराझाम स्थित आवास पर और प्रधान संघ जिलाध्यक्ष अकबर अंसारी को उनके कोलुहा स्थित घर पर पुलिस निगरानी में रखते हुए बाहर निकलने से रोक दिया। पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस से प्रताड़ित निर्दोष जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। लोकतंत्र में जुर्म के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन हाउस अरेस्ट की कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रदेश में अधिनायकवाद की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने बताया कि बरहज क्षेत्र के लक्ष्मीपुर के प्रधान राजेश और उनके परिजनों और दुबौली के प्रधान गामा को कथित रूप से गलत मुकदमों में फंसाने के विरोध में वह बरहज जा रहे थे। इसके अलावा प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई जानी थी। सपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया। हालांकि मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।