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हाटा खास गांव में मिले पांच नए मरीज

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हाटा खास गांव में मिले पांच नए मरीज
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बांसी। हाटा खास गांव में उल्टी-दस्त और पेट दर्द से बच्चे की मौत हो जाने से लोग भयभीत हैं। रविवार को भी पांच नए मरीज मिले हैं, जिन्हें जिला अस्पताल व पीएचसी बांसी में भर्ती कराया गया है। वहीं मेडिकल मोबाइल यूनिट ने गांव में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरण कीं।
ग्रामीणों के अनुसार, गंदगी के कारण डायरिया फैली है। गांव में साफ-सफाई व्यवस्था बदतर है। जगह-जगह जलभराव है। ब्लीचिंग, चूना व कीटनाशक आदि का न तो छिड़काव किया गया और न ही फागिंग कराई गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों का स्टूल टेस्ट किया है, जांच रिपोर्ट में पुष्टि होगी कि फूड प्वाइजनिंग है या नहीं है, जबकि गांव में गंदगी और पेयजल की गुणवत्ता का अभाव है। ग्रामीणों के अनुसार हाटा खास गांव में डायरिया का प्रकोप फैल गया है। रविवार को उल्टी, दस्त व पेट दर्द के पीड़ित डाली पांडेय (28) पत्नी गणेश, बहन के घर आयी हरनी गांव निवासी लक्ष्मी (18) पुत्री हरक, मलखाना यादव (40), सचिन (7) पुत्र ज्वाला, कश्तूरा (70) पत्नी बुधिराम को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जबकि कांति (11) पुत्री लालजी, राज (5) पुत्र लालजी, नंदिनी (19) पुत्री राधेश्याम, रोशनी (7) पुत्री विनोद, सर्वेश (11) पुत्र विनोद, पूनम (28) पत्नी नरेश, ज्योति (28) पत्नी मनोज, कनिका (3) पुत्री मनोज, हरिश्चंद्र (45) पुत्र रामलौटन, गोलू (22) पुत्र हरिश्चंद्र, अंकिता (10) पुत्री शैलेंद्र, अखिलेश (13) पुत्र शैलेंद्र, कमलेश (28) पुत्र छोटक, लक्ष्मी (25) पत्नी कमलेश, निर्मला (3) पुत्री कमलेश आदि का इलाज शनिवार से ही जिला अस्पताल में चल रहा है।
गांव निवासी गांव निवासी घनश्याम जायसवाल का कहना है कि गांव में बीमारी फैलने के बाद चूना, ब्लीचिंग, कीटनाशक आदि का छिड़काव नहीं किया गया। गांव निवासी हिरमाती का कहना है कि गांव में 20-25 दिन में सफाई होती है। डायरिया फैलने के बाद शनिवार को सफाईकर्मी ने पहुंचकर नाली की सफाई की है। इसके बाद भी गांव में सफाई व्यवस्था लचर है। रविवार को मेडिकल मोबाइल यूनिट के डॉक्टर निजामुद्दीन सिद्दीकी, फार्मासिस्ट विनोद कुमार, एलटी प्रभात व स्टाफ नर्स सीमा की टीम ने गांव के मरीजों का जांचकर दवा वितरण किया।
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अंतिम संस्कार नहीं कर पाए
बांसी। कमलेश के परिवार के सभी चार सदस्य रोग से पीड़ित हैं। इनके पुत्र पांच वर्षीय श्याम की मौत हो गई है तथा कमलेश उसकी पत्नी लक्ष्मी व तीन वर्षीय पुत्री निर्मला अभी भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। कमलेश की बेबसी थी कि वह बेटे श्याम के शव का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए।
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