पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होंगे सेनानियों के गांव
निदेशालय ने जनपदवार स्वतंत्रता सेनानियों की सूची मांगी
पत्र के अनुपालन में पर्यटन विभाग ने जिले में तेज की कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। देश की आजादी में सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की योगी सरकार ने सुधि लेने का निर्णय लिया है। 1857 से 1947 तक शहीद हुए सेनानियों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इसके पीछे उनके गांवों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की मंशा है। पर्यटन निदेशालय ने जनपदवार सूची मांगी गई है। पत्र मिलने के बाद विभाग के जिम्मेदारों ने सूची बनाने की कवायद तेज कर दी है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से लगातार धार्मिक केंद्रों को पर्यटकीय विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े स्थलों पर पड़ी है। महानिदेशक पर्यटन की ओर से सभी जनपदों को भेजे गए पत्र में 1857 से 1947 तक शहीद हुए स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन परिचय, शहादत का विवरण, शहीद स्थल का विवरण समेत विस्तृत कार्ययोजना, शहीदों के नाम पर मेला, महोत्सवों के आयोजन से संबंधित कार्य योजना जैसे बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। जिला पर्यटन सूचना अधिकारी मो. मकबूल ने बताया कि संयुक्त निदेशक पर्यटन की ओर से पत्र मिला है। इसका अनुपालन करते हुए जिले में ऐसे सभी शहीदों के बारे में विस्तृत ब्योरा एकत्र करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कार्ययोजना तैयार होने के बाद निदेशालय को भेजा जाएगा।
जिले में 151 स्वतंत्रता सेनानी
बस्ती की गजेटियर, गृह मंत्रालय की स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची, पुराने अभिलेखों के आधार पर जिले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की संख्या 151 है। इनमें प्रभुदयाल विद्यार्थी, वशिष्ठ नारायण, बलभद्र, अजमत उल्ला खां, अब्दुल मजी, अशर्फी, अछैवर, उदयराज शुक्ल, कोतवाल सिंह, कोदई, गुदड़ी राम, चंद्रमणि यादव, दुुधई, परमेश्वर दत्त पांडेय, बेनी माधव मिश्र, ब्रजमोहन, मथुरा प्रसाद, मोती लाल, रामरती देवी, रामपाल उपाध्याय, रामशंकर सिन्हा, रामसमुझ तिवारी, रुप नारायण शुक्ला, रामनाथ और शिवनाथ आदि प्रमुख रूप से शामिल है।
पांच धार्मिक स्थलों को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री संवर्धन योजना अंतर्गत जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक धार्मिक स्थलों का पर्यटकीय विकास करने को मंजूरी मिली है। संबंधित विधायकों के प्रस्ताव पर कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में योगमाया मंदिर जोगिया उदयपुर, बांसी में मोती सागर शिव मंदिर चेतिया, डुमरियागंज में गालादेवी मंदिर, इटवा में कटेश्वर नाथ, शोहरतगढ़ में समय माता मंदिर कठेला में पर्यटन विकास को मंजूरी दी गई है। इसकी पुष्टि जिला पर्यटन सूचना अधिकारी मो. मकबूल ने की है।