संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र की ओर से नेत्र परीक्षण एवं बॉडी मास इंडेक्स परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार को आयोजित इस शिविर का उद्देश्य छात्रों के समग्र स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें समय पर उचित स्वास्थ्य सलाह प्रदान करना था।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विद्यार्थियों की नेत्र ज्योति की जांच की गई, जिससे पढ़ाई के दौरान दृष्टि से संबंधित समस्याओं की पहचान की जा सके। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और पुस्तकों के उपयोग के कारण विद्यार्थियों में दृष्टिदोष की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बर्डपुर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक द्वारा नेत्र परीक्षण से विद्यार्थियों को समय पर चश्मा अपनाने, आंखों की देखभाल करने तथा आंखों से जुड़ी बीमारियों को रोकने की जानकारी दी गई।
साथ ही बीएमआई परीक्षण द्वारा छात्रों के वजन और ऊंचाई के अनुपात का विश्लेषण कर मोटापा, दुबलापन तथा पोषण की स्थिति का आकलन किया गया। बीएमआई एक महत्वपूर्ण संकेतक है जो शारीरिक स्वास्थ्य के स्तर को दर्शाता है और संतुलित जीवनशैली अपनाने में सहायक होता है। छात्रों को बताया गया कि असंतुलित बीएमआई पढ़ाई में थकान, चिड़चिड़ा पन और एकाग्रता में कमी का कारण बन सकता है। इसी प्रकार, दृष्टि दोष के कारण भी पढ़ाई में व्यवधान आता है।
कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं तथा शिक्षक कर्मचारियों ने भाग लिया और परीक्षण के उपरांत स्वास्थ्य संबंधी सुझाव प्राप्त किए। विशेषज्ञों ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तथा आंखों की देखभाल के लिए आवश्यक अभ्यासों की जानकारी भी दी। कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि एक स्वस्थ विद्यार्थी ही शिक्षण में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के समन्वय में हुआ, जिसमें अरुण द्विवेदी डॉ ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव की भूमिका रही।