-पाॅवर काॅरपोरेशन प्रबंधन पर हठवादी रवैया अपनाने और हड़ताल थोपने का आरोप
-निजीकरण की आड़ में भारी घोटाले की साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। निजीकरण के विरोध में संघर्ष समिति के घटक संघ के सदस्य व जूनियर इंजीनियर संघटन के बिजली कर्मियों का तीन घंटे का व्यापक विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। संघर्ष समिति ने पाॅवर काॅरपोरेशन प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि प्रबंधन निजीकरण की जिद पर अड़ा हुआ है। हठवादी रवैया अपना रहा है। शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे बिजली कर्मियों पर हड़ताल थोपना चाहता है। संघर्ष समिति ने जोर देकर कहा कि निजीकरण की आड़ में अरबों रुपये के घोटाले की तैयारी है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि संघर्ष समिति की हड़ताल करने की अभी कोई नोटिस नहीं है, लेकिन पाॅवर काॅरपोरेशन के चेयरमैन, मुख्य सचिव को और शासन के बड़े अधिकारियों को पत्र भेज कर गुमराह कर रहे हैं, कि बिजली कर्मी हड़ताल पर जाने वाले हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि चेयरमैन के पत्र के आधार पर जनपदों में जिला अधिकारियों द्वारा हड़ताल से निपटने की तैयारी के निर्देश जारी किए जा रहे हैं, जिससे अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बन रहा है। जूनियर इंजीनियर संघटन ने कहा कि झूठा शपथ पत्र देने वाले ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन, जिस पर अमेरिका में पेनल्टी लगाई गई है, पर कार्रवाई करने के बजाय पाॅवर कॉरपोरेशन संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी कर रहा है, और टकराव का वातावरण बना रहा है।
टेंडर मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष के रूप में निदेशक वित्त निधि नारंग का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नए निदेशक वित्त पुरुषोत्तम अग्रवाल ने निजीकरण में हो रहे बड़े घोटाले को देखते हुए कार्यभार ग्रहण करने से मना कर दिया है। अब निधि नारंग को दूसरी बार कार्य विस्तार दिया जा रहा है क्योंकि निधि नारंग अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देने के लिए तैयार हो गए हैं।
इस दौरान अनिल यादव, योगेश बघेल, संजय गौड़, राजेश गुप्ता, अनिल यादव, पंकज, कुंदन, संदीप, गोविंद, अनिल, सुरेन्द्र, अमरजीत, अवनिश, विनीत कुशवाहा, राजीव आदि मौजूद रहे।