सकारपार क्षेत्र के बांसी-धानी मार्ग पर सूखे पेड़ गिरने से हो सकती हैं, बड़ी घटना। संवाद
-बांसी- धानी मार्ग पर कई जगह सूखे पेड़ गिरने से हो सकती हैं बड़ी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। बांसी तहसील क्षेत्र के बांसी-धानी मार्ग पर कई जगह सूखे पेड़ खड़े हैं । जो तेज हवा- आंधी के साथ कभी भी टूटकर गिर सकते हैं। इससे आवागमन करने वाले राहगीरों को खतरा हो सकता है। लेकिन सड़क से आते-जाते जिम्मेदार इससे अनजान है।
बांसी- धानी मार्ग पर सड़क के दोनों तरफ छाया एवं पर्यावरण की दृष्टि से वृक्ष लगाए गए थे। लेकिन, कुछ पेड़ काफी पुराना होने से सूख कर जर्जर हो चुके हैं। जो कभी भी तेज हवा-आंधी में टूट कर सड़क पर आवागमन करने वालों पर गिर सकते हैं, इससे खतरा हो सकता है। कुदरान, तिवारीपुर, पटखौली, अदिलापुर,गोहर, सेमरा मुस्तहकम आदि जगहों पर सड़क के बगल कई सूखे पेड़ खड़े हैं। इस सड़क पर बांसी से निकलकर लोग धानी होते हुए गोरखपुर तक की सफर तय करते हैं। वहीं, पेड़ारी बुजुर्ग की ओर से बांसी होते हुए सिद्धार्थनगर, बस्ती तक की सफर करते हैं। बांसी -धानी मार्ग की लंबाई 30 किलोमीटर है। इस मार्ग पर कई शिक्षण संस्थान भी पडते हैं। जहां स्कूली बच्चे साइकिल यात्रा करते हैं। क्षेत्र के अश्वनी कुमार सोलंकी, रवि मिश्र, आकाश, बृजेश उपाध्यायय, राम सवारे शर्मा, राजेश, अजय साहनी आदि ने सड़क के बगल सूखे पेड़ों से खतरा बताया है। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकार, बांसी शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी है। इसे कटवाने का काम वन निगम का है। जल्द ही सूखे पेड़ों की लिस्ट बनाकर वन निगम को भेज दिया जाएगा।