संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर की लाइफ लाइन खजूरिया मार्ग से निकलना पहाड़ खोदने जैसा हो गया है। राहगीरों के साथ-साथ मोहल्ले में रहने वाले हजारों लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। नाली निर्माण अधर में है। अब सड़क पर गड्ढे भरने के लिए गिट्टी गिरा दी गई। गिट्टी का गिराया जाना तो समझ में आ रहा है, लेकिन उस पर रोड रोलर नहीं चलाया गया। इससे समस्या कई गुना बढ़ गई है।
बाइक और ई-रिक्शा चालक गिट्टी में फंसकर परेशान हो रहे हैं। साथ ही गिट्टी के कारण वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं, जिससे लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। मंगलवार को सड़क निर्माण और होने वाली समस्या को देखने के लिए मौके पर पहुंचे, तो कई ऐसी तस्वीर मिली जो पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
वहीं, मोहल्ले में रहने वालों की बातों ने उनके दर्द को बयां कर दिया। हर कोई निर्माण कार्य में शिथिलता और रुक-रुक कर होने वाले काम से आजिज दिखे, लेकिन जिम्मेदार उनकी समस्या समस्या से बेखबर नजर आए रहे हैं।
नगर के खजूरिया मार्ग की लंबाई तकरीबन डेढ़ किलोमीटर है। इसी मार्ग पर पूर्ति कार्यालय, जिला पंचायत, थाना है। इसके साथ ही विकास भवन और परसा शाह आलम और महनगा में लोग जाते हैं। इसके अलावा कई मोहल्ले के लगभग 25 हजार लोग नियमित आते और जाते हैं।
मौजूदा समय में सड़क और नाली का निर्माण हो रहा है। इसकी हकीकत जानने के लिए मंगलवार को खजूरिया मार्ग पर निकले। शहर की सड़क से मुड़ते ही गिट्टी गिरी मिली, लेकिन सड़क के दोनों छोर पर अतिक्रमण का मलबा पड़ा दिखाई दिया।
नालियां ध्वस्त होने के कारण मोड़ से लगभग 50 मीटर तक आगे बढ़ते ही नालियों का पानी सड़क पर फैला है। तितर-बितर गिट्टी और नाली के पानी से गुजरने वालों पर छींट पड़ने के साथ ही वाहन का भी बैलेंस बिगड़ा हुआ दिखा। इससे आगे शराब भट्ठी और फिर थाना के पास नाली का पानी और गिट्टी इधर- उधर होने से बने गड्ढे से राहगीर कतराते हुए निकले रहे थे।
इससे आगे बढ़े तो लगभग 600 मीटर दूर ट्रांसफाॅर्मर के पास गिट्टी के ढेर में लोग अनियंत्रित होकर गिरते- गिरते बचते दिखे। मोहल्ले के रामनरेश ने बताया कि गिट्टी गिराकर छोड़ दिया गया है, रोलर भी नहीं चला है।
ऐसे में घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इसके आगे बढ़े तो नाला निर्माण होता पाया गया। जहां दोनों तरफ गिट्टी का ढेर और पंपिंग सेट चलने से लोगों को निकलने में परेशानी होती दिखी। इसके आगे तो नाले के पास पानी और उखड़ी गिट्टी से लोग मुसीबत में दिखे। वहां से आगे बढ़े तो पुराने सिनेमा हाॅल के पास चार ई-रिक्शा का और मैजिक पिकअप गिट्टी में फंसी थी।
लगभग एक घंटे की जोर आजमाइश के बाद किसी तरह निकल सके। वहीं कि निवासी रहीम ने बताया कि गिट्टी गिराने से यह समस्या हो रही है। अगर मिसकट गिराकर रोलर चलाया गया होता तो यह दिक्कत नहीं होती। दिनभर वाहन चालक फंसते हैं। अगर निर्माण का यही हाल रहा तो सालभर तक निर्माण पूरा नहींं होगा।
कृष्ण बिश्नोई, सीनियर फार्मेसी ऑफिसर
कृष्ण बिश्नोई, सीनियर फार्मेसी ऑफिसर