मेडिकल कॉलेज में जल्द भर्ती होंगे डॉक्टर
डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हुई, जुलाई में शैक्षणिक सत्र शुरू होने की संभावना
लखनऊ से हो रही चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ समेत चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय पर स्वशासी राजकीय महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ समेत चतुुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तैनाती की प्रक्रिया तेज हो गई है। सभी की शासन स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इसी माह जिले में कुछ डॉक्टर मिल जाएंगे। जुलाई से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने की उम्मीद बढ़ गई है।
वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को देखते हुए मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। जुलाई 2021 से संभावित मेडिकल कॉलेज के संचालन को देखते हुए प्रथम शिक्षा सत्र के लिए दो लेक्चर थियेटर, लाइब्रेरी, स्टडी रूम, अधिकारियों और स्टाफ के लिए कमरे तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा डायरेक्टर आवास, प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के आवास, गर्ल्स हॉस्टल, जूनियर-सीनियर रेजिडेंट आवास, नर्स हॉस्टल, सेंट्रल मेस समेत अन्य आवश्यक भवन पूर्ण हो चुके हैं। बीते एक माह के भीतर प्राचार्य के रूप में डॉ. सलिल श्रीवास्तव की तैनाती और वरिष्ठ कोषाधिकारी विनोद कुमार को वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद से जुलाई से मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की उम्मीद बढ़ गई है। पिछले एक पखवारे के भीतर स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यभार ग्रहण करने वालों की संख्या बढ़ी है, पर अपेक्षाकृत अभी अपर्याप्त बताए जा रहे हैं। लखनऊ से तैनाती होने से इसका वास्तविक आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है।
इन पदों की मिली स्वीकृति
स्वशासी राजकीय महाविद्यालय में नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से सहमति मिलने के बाद एमबीबीएस की सौ सीट, शिक्षक-चिकित्सक के 51, सीनियर रेजीडेंट के 24, जूनियर रेजीडेंट के 50, स्टाफ नर्स के 218, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (आउट सोर्सिंग) के तीन सौ, तकनीकी संवर्ग के 32, लिपिकीय के 30, प्रशासनिक के 10 और चतुर्थ श्रेणी के 36 पद पर नियुक्ति की स्वीकृति मिली है।
कोट
कोरोना संक्रमण काल के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनाती प्रक्रिया धीमी हो गई थी, शासन स्तर से चयन प्रक्रिया और तैनाती संबंधी आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसी महीने डॉक्टर व अन्य पदों पर नियुक्ति पूरी हो जाएगी। जल्द ही कॉलेज को डॉक्टर मिल जाएगे।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य