सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद के अवेद्यनाथ सभागार में श्रीराम कथा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान सती प्रसंग और भगवान शिव-पार्वती विवाह का भावपूर्ण वर्णन सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। अयोध्या धाम से आए कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने अपनी मधुर, ओजस्वी और संगीतमयी वाणी से कथा का ऐसा रसपान कराया कि सभागार में उपस्थित श्रद्धालु पूरी तरह तन्मय नजर आए।
सती प्रसंग के दौरान त्याग और भगवान शिव की विरक्ति का वर्णन सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। वहीं शिव-पार्वती विवाह के दिव्य प्रसंग के वर्णन ने पूरे वातावरण को उल्लास और भक्ति से भर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो श्रद्धालु स्वयं उस पावन क्षण के साक्षी बन गए होंं।
कथावाचक की संगीतमयी प्रस्तुति और मधुर भजनों ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया। बीच-बीच में गूंजते हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और कई लोग झूमते हुए प्रभु का स्मरण करते दिखे। कथा के संचालन में अंब्रीश नारायण पांडेय, ब्रह्मानंद रामायणी, अगस्त मिश्र और शेखर दास का विशेष सहयोग रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्धजनों को श्रीराम चरित मानस एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कथा के समापन पर भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। महोत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
इस दौरान मनीष शुक्ला, शिवदत्त अग्रहरि, नीरज श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव, संदीप जायसवाल, राघवेंद्र यादव, रमेश गुप्ता सहित पप्पू चौबे, महेश्वर अग्रहरि, डॉ. अरुण कुमार प्रजापति, रजनीश उपाध्याय, विनोद बजाज, राणा प्रताप सिंह, अनिल वर्मा, सुनील श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।