श्रद्धालुओं ने नदियों में लगाई आस्था की डुबकी
सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। मौनी अमावस्या पर जिले की प्रमुख नदियों में सुबह ही लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद लोगों ने दान दिया, पूजा की। वहीं, घरों पर भी लोग मौनी अमावस्या पर स्नानकर, दान किया।
शोहरतगढ़ क्षेत्र के बानगंगा व डोईनदी, संतघाट, गायघाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा की। मां गंगा की पूजा कर आरती की। तिल के लड्डू का भोग लगाया।
डोईनदी के शिवमंदिर, श्रीराम जानकी मंदिर, शिवबाबा, भारतमाता चौक के शिवालयों में भगवान शिव के जलाभिषेक का अनुष्ठान हुआ। मंदिर के पुजारी सत्यप्रकाश शुक्ल, टिल्लू शर्मा ने माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की कथा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
इसी प्रकार जोगिया क्षेत्र के ककरही नदी में सुबह ही श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू कर दिया। स्नान के बाद नदी पर ही लोगों ने गोदान और अन्न का दान किया। इसी प्रकार बांसी के राप्ती नदी पर लोगों ने स्नान किया। डुमरियागंज क्षेत्र के राप्ती नदी, उसका के कूड़ा नदी सहित जिले के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान के साथ ही दान किया।
बांसी में घाट पर भोर में ही पहुंच गए थे श्रद्धालु
बांसी। मौनी अमावस्या पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने राप्ती में स्नान किया। नगर में राप्ती के तट पर स्थित रानी मोहभक्त लक्ष्मी स्नान घाट पर भोर से ही लोग स्नान के लिए पहुंच गए थे। दोपहर तक यहां चहल-पहल रही। स्नान करने के बाद लोगों ने गोदान, अन्न दान किया। महिलाओं व बच्चों ने मेले का आनंद लिया। बच्चे झूला झूलने में व्यस्त थे, वहीं, महिलाओं ने घरेलू उपयोग के समान की खरीदारी की। स्नान करने वालों को किसी तरह की दिक्कत न हो, उसके लिए नगर पालिका प्रशासन ने घाट की सफाई, कच्ची सीढ़ी का निर्माण, कपड़ा बदलने के लिए पंडाल, बैरिकेडिंग, अलाव की व्यवस्था की थी। घाट पर पुलिस के जवान तैनात थे। संवाद