सूफी हजरत नकी अली शाह की मजार पर उर्स में उमड़े अकीदतमंद
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के ग्राम जबजऊंवा स्थित हजरत सूफी बाबा मोहम्मद अली नक़ी शाह की मजार पर शनिवार को परंपरागत उर्स का आयोजन किया गया। अकीदतमंदों ने बाबा की मजार पर चादर चढ़ाई, फातिहा पढ़ा और समाज के लोगों की खुशहाली-सलामती की दुआएं मांगी।
जबजऊंवा स्थित हजरत सूफी बाबा मोहम्मद अली नक़ी शाह के 75वें सालाना उर्स मुबारक का आगाज कलाम पाक की तिलावत के साथ हुआ। उसके बाद मजार के सज्जादा नशीन काजी राजाउररहमान और बन्ने मियां तथा मजार के सेवाकार रियाजुर्ररहमान आदि ने बाबा की मजार पर सामूहिक रूप से चादर चढ़ाकर फातिहा पढ़ा और मन्नत-मुरादें मांगीं। मजार पर चादर चढ़ाने और नजर नियाज और फातिहा पढ़ने का सिलसिला चलता रहा। देर शाम मजार पर जलसा और महफिल मिलाद का आयोजन किया गया। हजरत काजी ए मिल्लत अलेहीरहमान के दामाद हजरत बदीउरहमान ने लोगों से नेकी, भलाई और अच्छाई के रास्ते पर चलने और गरीब, पीड़ितों, असहायों की मदद के लिए तत्पर रहने की अपील की।
हजरत मौलाना मकसूद अकरम ने भी संबोधित करते हुए इस्लाम के बताए हुए सच्चाई और भलाई के रास्ते पर चलने की नसीहत दी। कार्यक्रम के अंत में कुल शरीफ की दुआ कराई गई और लंगर के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
इस दौरान काजी रहमतुल्लाह, जैद, असद, अफगानूरुलाह, आरिफ, शरीफ, अफजल, आरजू अमिर इमरान, इमामुद्दीन प्रधान, अफ़ग़ान मोनिस, उमर आबिश मौजूद रहे।
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अभिमन्यु चौधरी
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