संवाद न्यूज एजेंसी
पथरा। पथरा क्षेत्र के ग्राम खजुरिया में लोड़ाहा बाबा मंदिर प्रांगण में चल रहे सात दिवसीय रासलीला आयोजित हो रही है। इसमें बुधवार को देवकी वासुदेव विवाह से कंस द्वारा देवकी के सात पुत्रों का वध करने का मंचन अयोध्या धाम से आये कलाकारों द्वारा किया गया।
कलाकारों ने दिखाया कि कंस ने वसुदेव के साथ बहन का विवाह किया। सारी रस्म पूरी होने के बाद वह बहन को उसकी ससुराल पहुंचाने के लिए स्वयं रथ लेकर जा रहा था। तभी रास्ते में आकाशवाणी होती है अरे कंस जिस बहन का विवाह कर तू फूला नहीं समा रहा है उसी बहन का आठवां लाल तेरा काल होगा। आकाशवाणी सुन कंस ने वहीं रथ रोक दिया। उसे अपने कानों पर सहज विश्वास नहीं हुआ। उसने पुन: आकाशवाणी करने को कहा इस बार भी आकाशवाणी हुई रे कंस देवकी का आठवां लाल होगा तेरा काल। कंस ने देवकी का वध करने की ठान ली लेकिन वसुदेव ने विरोध किया इस पर उसने दोनों को मारना चाहा इस बीच राजा उग्रसेन स्वयं आ गए।
मथुरा नरेश ने कंस को बहन बहनोई की हत्या न करने की नसीहत दी। इस पर कंस ने पिता से राजपाट छीन स्वयं राजा बन गया। देवकी-वसुदेव और उग्रसेन तीनों को बंदीगृह में डलवा दिया। वसुदेव ने आठवां पुत्र उसे सौंपने का भरोसा दिलाया। नारद ने वहां पहुंच कंस को दिग्भ्रमित कर दिया और और कहा कि पहला भी आठवां लाल हो सकता है। इस पर कंस ने कारागार में हुए देवकी के सात बच्चों का वध कर दिया। कंस के पाप से धरती अकुला उठी। भगवान विष्णु से प्रार्थना की तो उन्होंने धरती पर अवतरित होने का वरदान दिया। देवकी के आठवें पुत्र के रूप में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण रूप में अवतार लिया। सारे पहरेदार सो गए बालरूप धर श्रीकृष्ण ने वसुदेव से गोकुल पहुंचाने को कहा। रास्ते में यमुना नदी ने उफान मारा तो भगवान श्रीकृष्ण ने चरण स्पर्श करा दिया। डाॅ. केशवराम, दिनेश, विकास सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।