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बजट : कालानमक की खेती को मिलेगी संजीवनी

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शहर में टीवी के माध्यम से बजट देखते लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। प्रदेश सरकार की तरफ से बृहस्पतिवार को विधानसभा में पेश किए गए बजट में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए जारी धनराशि से इस उद्यम को पंख लगने की उम्मीद जगी है। इससे जहां तीन हजार हेक्टेयर में मछली पालन कर रहे किसानों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
वहीं एक जिला एक उत्पाद के तहत मिले बजट से जिले में कालानमक की खेती कर रहे सैंकड़ों किसानों को संजीवनी मिल सकेगी। वहीं पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए मिले बजट से भी जिले में बौद्ध स्थली कपिलवस्तु एवं अन्य धार्मिक स्थलों के उद्धार होने की संभावना बढ़ गई है। इस बजट को जहां सत्ताधारी दल ने सराहना करते हुए ऐतिहासिक बताया, वहीं विपक्षियों ने इसे जनहित के लिए अनुपयोगी बताया।
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प्रदेश सरकार के बजट में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पुरुष एवं महिला लाभार्थियों के लिए 240 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत एक्वा पार्क मार्केट के निर्माण को 190 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे मत्स्य पालन कर रहे जिले के बढ़नी, इटवा समेत अन्य क्षेत्रों के किसानों सीधा लाभ मिल सकेगा।
बता दें कि बढ़नी ब्लाॅक के अकरहरा, खजुरिया शर्की, महादेव बुजुर्ग, औदही कलां, रेड़वरिया समेत दर्जनों गांवों में बेरोजगार युवाओं ने मत्स्य पालन कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। वहीं शोहरतगढ़ क्षेत्र में मत्स्य मंडी निर्माण की स्वीकृति से भी मछली पालकों में हर्ष व्याप्त है, जबकि एक जिला एक उत्पाद के तहत बजट में धन आवंटन से जिले में चयनित कालानमक की खेती को बढ़ावा मिल सकेगा।
इससे बर्डपुर व खेसरहा समेत जिले के अन्य हिस्से में कालानमक धान की खेती कर रहे किसानों को संजीवनी मिल सकेगी।
इससे जहां इसके उत्पादन के साथ ही निर्यात को बढ़ावा मिलने से किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध होने का मौका मिल सकेगा। साथ ही जनोपयोगी संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार व पुनर्निर्माण के लिए धन आवंटन से जिले में पलटा देवी मंदिर, भारतभारी एवं शहर के सिंहेश्वरी मंदिर को विकसित करने की संभावना बढ़ी है।
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सहकारी बैंक के माध्यम से किसानों को फसली ऋण देने के लिए धन आवंटन से जहां जिले के सहकारी संस्थाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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