नहर की पटरी कटी, प्राथमिक विद्यालय जलमग्न
फोटो कैप्सन-19एसडीएन81पी व 82पी- उपधी खुर्द प्राथमिक विद्यालय परिसर में भरा पानी, पानी से घिरा हैंडपंप
छात्र पानी में घुसकर हैंडपंप तक जाने को विवश, किचन और विद्यालय परिसर में भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। खेतों की सिंचाई के लिए नहर की पटरी काटे जाने से मासूम बच्चों को विद्यालय आने और प्यास बुझान में दिक्कत हो रही है। वहीं विद्यार्थियों को पानी से होकर हैंडपंप तक जाना पड़ रहा है। अध्यापकों के साथ ही गांव के लोगों ने खेतों की सिंचाई के बाद नहर की पटरी दुरुसतकरवाने की मांग की है।
बिथरिया से होकर बाडिलिया, उपधी होते हुए सरयू नहर आगे निकल जाती है। इधर, डुमरियागंज क्षेत्र में कई दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों में सूख रही धान की फसलों की सिंचाई के लिए किसी ने नहर की पटरी को काटकर पानी का बहाव खेतों की तरफ कर दिया है। नहर का पानी खेतों के साथ ही उपधी गांव के सिवान के साथ ही प्राथमिक स्कूल के परिसर को भी अपनी आगोश में ले लिया है। जिससे पूरा परिसर जलमग्न हो गया है और हैंडपंप के चारों तरफ पानी भर गया है। जिससे बच्चों को पानी में घुसकर हैंडपंप के पास जाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। स्कूल में अध्यनरत बच्चों के अभिभावक भागीरथी और प्रतिभा ने नहर की पटरी को ठीक करवाने की मांग की है। वहीं प्रधानाध्यापक जगदीश यादव ने बताया कि परिसर में पानी भरने से बच्चों को लेकर थोड़ा डर बना रहता है। हैंडपंप के पास जाने के लिए उन्हें पानी से होकर जाना पड़ रहा है। इसलिए उनके फिसलने का डर बना रहता हे। वैसे स्कूल के स्टाफ बच्चों पर नजर रखता है। रसोईघर के सामने भी पानी भर गया है। अगर नहर की पटरी ठीक हो जाए, तो परिसर से पानी हट सकता है। जलजमाव अधिक दिनों तक रहने से संक्रामक बीमारी के भी फैलने का खतरा है। इस संबंध में बीईओ चन्द्रभूषण पांडेय ने बताया कि नहर पटरी कटने से समस्या उत्पन्न हुई है। पटरी ठीक करवाने के लिए वह संबंधित विभाग को सूचना देकर पत्र व्यवहार भी करेंगे। वहीं सिंचाई विभाग के जेई सुधीर कुमार मेहता ने बताया कि माइनर में पानी जाने पर लोग अपने-अपने खेतों की सिंचाई करने के लिए नहर काट देते हैं। जिससे यह समस्या उत्पन्न हो जाती है। वह मौके पर जाकर हालात का जायजा लेकर नहर पटरी को दुरुस्त करवाएंगे।