दहेज के लिए पत्नी की हत्या के आरोपी पति को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के पोखरभिटवा गांव का है।
अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने कोर्ट में बताया कि बांसी कोतवाली क्षेत्र के बिहठा गांव निवासी शिवमूरत दुबे की बहन शीला का विवाह वर्ष 2007 में कपिलवस्तु के पोखरभिटवा गांव निवासी राकेश तिवारी के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही दहेज में एक लाख रुपये की मांग को लेकर विवाहिता का उत्पीड़न किया जाता था।
मांग पूरी न होने पर 9 सितंबर 2009 को शीला को जलाकर मार डाला गया। शिवमूरत की तहरीर पर पुलिस ने राकेश व उसके पिता शेषनारायण, बहन गीता के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह और नौ प्रलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी माना।
मंगलवार को फैसला सुनाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने पति राकेश तिवारी को 10 वर्ष के कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। बता दें कि मामले में आरोपी ससुर शेषनारायण व ननद गीता को पहले ही सजा हो चुकी है।