कोरोना से लड़ने को तैयार हैं अस्पताल
- देश के कई राज्यों कोरोना के केस बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना की चौथी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। वहीं, पांच अस्पताल अलर्ट मोड़ में हैं, स्थितियों को देखते हुए विभाग उसको उपयोग में लाना शुरू कर देगा।
कोरोना की पहली लहर में लोग उबर नहीं पाए थे कि दूसरी लहर ने जमकर तबाही मचाई। इसमें ऑक्सीजन लेबल गिरने से मौत होने की बात सामने आ रही थी। ऑक्सीजन न होने के कारण भी लोगों की जानें गईं। तीसरी लहर में नए स्वरूप का असर कम रहा, लेकिन संक्रमण दर तेज था। चिकित्सकों का मानना है कि कोरोनारोधी टीकाकरण की वजह से जानमाल का खतरा कम हुआ। अभी सारी गतिविधि शुरू हुईं की देश में चौथी लहर की आशंका जताई जा रही है। देश के कई राज्यों में कोरोना के केस मिल रहे हैं। वहीं, प्रदेश के लखनऊ, गाजियाबाद और गौतम बुद्धनगर में विशेष सतर्कता का निर्देश दिया गया है। इसके बाद जिले में भी स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गई है। अस्पताल और ऑक्सीजन की व्यवस्था ठीक कर दी गई है। पांच अस्पताल को अलर्ट मोड़ में रखा गया है। यहां ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे किसी प्रकार की दिक्कत न हो। वहीं, टीकाकरण कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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यह अस्पताल हैं अलर्ट मोड़ में
कोरोना की दूसरी लहर में हुई ताबाही को देखते हुए चौथी लहर से निपटने के लिए पांच अस्पताल अलर्ट मोड़ में हैं। इसमें बर्डपुर, इटवा, मिठवल और बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य है। इसके अलावा एमसीएच विंग है। यहां पर ऑक्सीजन, वेंटीलेटर आदि की व्यवस्था है। इसके साथ ही रोस्टरवार चिकित्सकों की ड्यूटी की सूची तैयार कर ली गई है, जिससे जरूरत पड़ते ही डॉक्टर ड्यूटी में लग जाएं।
कोरोना की चौथी लहर को देखते हुए तैयारी पूरी कर ली गई है। अस्पताल तैयार है और ऑक्सीजन की भी पर्याप्त व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। कोविड हेल्प डेस्क को एक्टिव किया जा रहा है। पांच अस्पताल अलर्ट मोड़ में कर दिया गया है। टीकाकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
- डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, डिप्टी सीएमओ, सिद्धार्थनगर