सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के भवन, हॉस्टल सहित अन्य निर्माण कार्यों में देरी पर शुक्रवार को कुलपति ने कार्यदायी संस्थाओं से जमकर नाराजगी दर्ज कराई।
विश्वविद्यालय परिसर में हुई बैठक में कुलपति ने स्पष्ट हिदायत दी कि मार्च माह तक सभी निर्माण कार्य हर हाल में पूरे कर दिए जाएं।
ऐसा न होने पर शासन को पत्र लिखेंगे।वर्र्ष-2013 से चल रहे कार्य के बावजूद विश्वविद्यालय के कई हिस्सों का निर्माण अब तक अधूरा है। न तो बिजली की व्यवस्था हो पाई है और न ही कुलपति, शिक्षक आवास का कार्य पूरा हुआ है।
शुक्रवार को हुई बैठक में कुलपति डॉ.रजनीकांत पांडेय ने कहा कि नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ होने वाली है मगर अब तक कोई भी निर्माण पूरा नहीं हुआ है। शिक्षक आएंगे तो कहां रहेंगे।
बिना बिजली और संचार सेवा के ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया कैसे होगी। शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के आवास, हॉस्टल का निर्माण कार्य संतोषजनक नहीं है।
कुलपति आवास के निर्माण में तमाम कमियां है। इसकी जगह नया कुलपति आवास बनाया जाना है, इसके लिए स्थान व डिजाइन की प्रगति के बारे में भी जानकारी मांगी।
उन्होंने विद्युत विभाग के कार्यों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 33/11 केवी की लाइन खींचने की प्रगति बेहद खराब है। बार-बार पत्राचार के बाद भी स्थानीय अफसर इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
उन्होंने विभागीय अफसरों को मार्च माह तक हर हाल में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक के बाद अफसरों के साथ निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया।
बैठक में राजकीय निर्माण निगम फैजाबाद के परियोजना प्रबंधक वीके सिंह, विद्युत इकाई के परियोजना प्रबंधक सुनील यादव, गोरखपुर के परियोजना प्रबंध सिविल एके शुक्ला, परीक्षा नियंत्रक अखिलेश पाल सहित अभियंता संजय श्रीवास्तव, डीपी सिंह, राकेश बहादुर, नागेश सिंह आदि मौजूद रहे।