सिद्धार्थनगर। इस बार की जनगणना सिर्फ आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि डिजिटल बदलाव की एक बड़ी परीक्षा भी बनती दिख रही है। सात मई से शुरू हो रही स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा के जरिये लोग पहली बार घर बैठे ही अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रशासन इसे प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है, लेकिन जिले के ग्रामीण इलाकों में इसकी सफलता अब भी जागरूकता और पहुंच पर टिकी है।
सोमवार को आंबेडकर सभागार में हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खुद स्वगणना करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके लिए प्रेरित करें। साफ संदेश दिया गया कि जितनी अधिक भागीदारी होगी, उतना ही सटीक और उपयोगी डाटा सामने आएगा।
अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि सात से 21 मई तक लोग सुबह 6 बजे से रात 12 बजे के बीच मोबाइल या कंप्यूटर के जरिये अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर 33 बिंदुओं पर जानकारी का सत्यापन करेंगे। स्वगणना करने वालों को 11 अंकों का यूनिक कोड (सीड) मिलेगा, जिसे दिखाकर वे अपनी एंट्री का सत्यापन करा सकेंगे।
प्रशिक्षण में सहायक निदेशक, जनगणना निदेशालय नागेंद्र यादव ने अधिकारियों को तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। बैठक में उपजिलाधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।