भनवापुर। बलरामपुर जिले के उतरौला तहसील को जोड़ने वाले शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों का आवागमन होता है। नजदीक होने के कारण इस क्षेत्र लोग इलाज से लेकर हर कार्य के लिए बलरामपुर ही जाते हैं। लेकिन पांच साल पहले चली परिवहन निगम की बस से यात्रियों को काफी सुविधा मिलती थी और अपनी यात्रा आसानी से करते थे।
विभाग ने घाटा दिखा कर रोडवेज बस का संचालन चार साल पहले बंद कर दिया। इससे लोगों को ऑटो से जान जोखिम में डाल यात्रा करना पड़ता है। वहीं, दोगुना से अधिक देना पड़ता है। लेकिन जिम्मेदार इससे अनजान हैं।
सिंगारजोत-बलरामपुर जिले के बाॅर्डर पर स्थित हैं। परिवहन निगम की बस बंद हो जाने के कारण लोगों को जिला मुख्यालय पर जाने व आने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं 25 किलोमीटर डुमरियागंज मुख्यालय तक जाने के लिए बिजौरा, भंड़रिया, चिताही, मन्नीजोत व शाहपुर पांच स्थानों पर साधन बदलना पड़ता है। जहां समय अधिक लगने के साथ ही किराया भी 125 रुपये देना पड़ता है।
पांच साल पहले विभाग द्वारा बस का संचालन घाटा दिखाकर बंद कर दिया गया। इससे लोगों को इस मार्ग से यात्रा करने में परेशानी बढ़ गई है।
-देवेंद्र कुमार पांडेय, निवासी गागापुर
इटवा या डुमरियागंज की यात्रा के लिए ऑटो के अलावा कोई अन्य साधन नहीं चलता है। जिससे ऑटो चालक मनमानी किराया वसूल करते है।
-संजय कुमार शुक्ल, निवासी सेमरा बनकसिया
शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर परिवहन निगम के बस का संचालन के लिए यात्री सर्वे कराया जाएगा। यात्री उपलब्धता होने पर बस संचालन के लिए प्रयास किया जाएगा।
विजय कुमार गंगवार, एआरएम सिद्धार्थनगर