परसा (सिद्धार्थनगर)। बौद्ध परिपथ की बदहाली से क्षुब्ध लोगों ने रविवार को नौगढ़-बढ़नी राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। ढेबरूआ में करीब छह घंटे तक मुख्य मार्ग पर लोग डटे रहे। आवागमन ठप होने से वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
सड़क निर्माण में देरी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताते हुए नारेबाजी। देर शाम मौके पर पहुंचे राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी व सीडीओ अखिलेश तिवारी ने आंदोलनकारियों को शीघ्र एनएच के निर्माण कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। एनएच के सहायक अभियंता जगराम चौधरी ने मार्ग को चलने लायक बनवाने के लिए 25 सितंबर तक की मोहलत मांगी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य उग्रसेन सिंह ने कहा कि मार्ग की मरम्मत के लिए अब तक पत्र व मौखिक रूप से मांग किया, लेकिन जब हमारी बात नहीं सुनी गई तो हमें आंदोलन के लिए बोध्य होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता के सम्मान के लिए संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अच्छे दिन का नारा देने वाले पीएम मोदी ने थाली से दाल और सब्जी गायब करवा दिया।
यह सड़क केन्द्र सरकार की लापरवाही का नतीजा है और गालियां हमें सुननी पड़ती है। अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर आश्वासन के बाद भी मार्ग नहीं बनवाया गया तो आमरण अनशन को बाध्य होंगे।
राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी ने कहा कि इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में चयनित काफी समय हो गया है। सभी नेताओं और अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली के बारे में जानकारी है। बावजूद यह मार्ग क्यों नहीं ठीक हो रहा, समझ से परे है।
बौद्ध परिपथ पर सैकड़ों बौद्ध यात्री यात्रा करते हैं, वो क्या सोचते होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रोजाना एनएच मार्गों की घोषणा करते रहते हैं, लेकिन बनते एक भी नहीं हैं। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ आंदोलन शाम 5 बजे तक जारी रहा।
इस बीच जाम समाप्त कराने पहुंचे एसडीएम अरुण कुमार सिंह को ज्ञापन देने से लोगों ने इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जिले से जिम्मेदार अधिकारी आकर ठोस वादा नहीं करते, तब तक जाम नहीं हटेगा। शाम 5 बजे पहुंचे सीडीओ अखिलेश तिवारी ने एनएच के अफसरों से वार्ता कर सड़क का शीघ्र निर्माण कराने का वादा किया।
जाम व प्रदर्शन में सपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, जिला सचिव बब्बर मलिक, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, जिला पंचायत सदस्य जाकिर हुसैन, मो. मुस्तफा, प्रदीप पथरकट्ट, आशीष अग्रहरि, सत्यानंद सिंह, अंबिकेश श्रीवास्तव, कमर आलम, बेचई यादव, महंत विजयदास, गयासुद्दीन, रामचंद्र शुक्ल, अंजना चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, साधुशरण चौहान, अनुज चौधरी, हसमुल्लाह, मो.शफीक, रशीद, राममूरत यादव, रामनिवास, अनुपम शुक्ल, सभासद मन्नान, निजाम अहमद, सगीर अहमद आदि शामिल रहे। संचालन निसार बागी ने किया।
बौद्ध भिक्षुओं ने भी जताई पीड़ा
नेशनल हाइवे पर छह घंटे तक जाम से परिवहन सेवा चरमराई रही। मार्ग से गुजर रहे राहगीरों में आंदोलनकारियों से ज्यादा गुस्सा जिम्मेदार सरकार पर था। आंदोलन को सही बताते हुए कहा कि चैन की नींद में मस्त सरकारों को जगाने के लिए ऐसे आंदोलन की जरूरत है। हालांकि यह काफी पहले ही होना चाहिए था। लुंबिनी से श्रावस्ती जा रहे श्रीलंकाई बौद्ध यात्री माता धम्म वासिनी व गुरु अरिदम्म ने भी खराब मार्ग पर विरोध जताया और इसे अपने देश के विदेश मंत्रालय के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचाने की बात कही। इस दौरान दुर्गा तिवारी ने आल्हा व लोकगीत के माध्यम से लोगों में जोश भरा।