लेखपाल संघ का वेतन विसंगति दूर करने सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर में चल रह धरना तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। नाराज लेखपालों ने प्रदेश सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। साथ ही आक्रोशित लेखपालों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की चेतवानी भी दी। लखनऊ में हुए लाठी चार्ज पर नाराजगी भी व्यक्त की।
जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार लेखपालों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। लेखपालों के साथ अन्याय किया जा रहा है। अपने हक की मांग को लेकर लखनऊ में धरना दे रहे लेखपालों पर सरकार ने लाठी चार्ज कराकर हमारी आवाज दबाने का काम किया है। संगठन सरकार के इस कृत्य की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि पूरी निष्ठा से काम करने वाले लेखपालों की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता व नौगढ़ तहसील अध्यक्ष कृष्ण भूषण दुबे ने कहा कि वेतन विसंगति को दूर करते हुए वेतन में वृद्धि की जाए। लेखपाल पदों पर चयन के लिए योग्यता स्नातक की जाए। लेखपालों पद को बदलकर उप राजस्व निरीक्षक किया जाए। 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों को पेंशन दिया जाए। स्थानांतरण नीति में बदलाव किया जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगे मान नहीं ली जाती है धरना अनवरत जारी रहेगा। इसके लिए संगठन के सभी लोगों को पूरे मनोयोग से साथ देने की जरूरत है। इस दौरान जगदीश यादव, दिनेश कुमार गौंड, धनंजय पांडेय, केबीराम, नवीन श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव, रामदेव, देवानंद, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार साहनी, दिलीप चौरसिया, रामसमुझ, विनय पांडेय, सत्या चौधरी, प्रियंका, प्रिया, सदाकांत शुक्ल, संजय कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।