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Siddharthnagar News: भाई-दूज...तिलक लगाकर भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं बहनें

Thu, 31 Oct 2024 07:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। दीपावली के दो दिन बाद यानी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन की तरह यह पर्व भी भाई-बहन के लिए बेहद खास होता है। इस पर्व को भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया भी कहा जाता है।
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भाई दूज के दिन भाई को तिलक लगाने का सबसे अधिक महत्व होता है। इस दिन बहनें रोली और अक्षत से भाई का टीका करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई दूज पर्व सदियों पुराना है।
भाई दूज पर्व सदियों पुराना है। कहा जाता है कि इस दिन यदि विधि-विधान से पूजा की जाए तो जीवन भर यम का भय नहीं सताता और भाई-बहनों की कभी भी अकाल मृत्यु नहीं होती। इस साल भाई दूज की सही तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस साल भाई दूज का त्योहार तीन नवंबर को मनाया जाएगा।
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ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरुआत दो नवंबर की रात सात बजकर दो मिनट लग जाएगा। जबकि तीन नवंबर की रात 8:26 मिनट तक भोग करेगा।
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य के अनुसार सर्वत्र भात्र द्वितीया चित्र गुप्त पूजा तीन नवंबर रविवार को अनुराधा नक्षत्र के साथ सौभाग्य योग में मनाया जाना शास्त्र विधान है। इस दिन भाई को टीका करने का शुभ मुहूर्त सुबह से शाम 05:31 मिनट तक कर सकते है।
भाई दूज का महत्व : हिंदू धर्म में भाई दूज के पर्व को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि ये पर्व भाइयों और बहनों के बीच के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। भाई दूज पर बहनें अपने भाई के माथे पर हल्दी और रोली का तिलक लगाती हैं। ऐसी मान्यता है कि यदि भाई-बहन यमुना नदी के किनारे बैठकर भोजन करते हैं तो जीवन में समृद्धि आती है।
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