निरंकारी समाज ने रविवार को मानव एकता दिवस समारोह पूर्वक मनाया। नगर के मंडी समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम में गुरु नाम का सानिध्य हासिल करते हुए निरंकार प्रभु की कृपा पाने पर जोर दिया गया। इस दौरान उत्कृष्ट सेवा करने वालों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में सत्संग करते हुए डॉ. राजाराम यादव ने काम, क्रोध, लोभ, मोह की भावना को बाहर निकालने के लिए प्रेरित किया। कहा कि सभी को निरंकार प्रभु पर विश्वास करना चाहिए। बाबा अवतार सिंह जी गुरु गद्दी पर बैठते हुए भी जीवन यापन के लिए गैरेज में कार्य करते थे।
जब हम सेवा करते हैं तो संत महात्मा लगातार हमें आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने बताया कि आज के दिन ही तत्कालीन सतगुरु बाबा गुरुबचन सिंह को आज के दिन ही गोली मार दी गई थी। इस दिवस को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जिन लोगों ने बाबाजी को गोली मारी वही बाबाजी से आशीर्वाद लेने गए थे। तब उन्होंने कहा था कि आज आप सब का कार्य पूरा हो जाएगा। हमारे गुरू की यही विशेषता है। रक्त को नालियों में न बहाकर, नाड़ियों में बहाना चाहिए, यह सोच रखकर संत निरंकारी मिशन कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि मानव शरीर दुर्लभ होता है, जो इसे पा गया उसे परमात्मा को जान लेने का अधिकार है। उसमें जिज्ञासा भी होनी चाहिए। कार्यक्रम में अच्छे सेवा देने वाले निरंकारी महात्माओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर डॉ. सुनील श्रीवास्तव, विजय शुक्ला, अर्जुन मिश्रा, रीतू, साधना, मनीष, रिंकी, गुलाब, इंद्रदेव, पार्वती, बनारसी, राम प्रकाश, रमेश, अनूप कुमार, कविता, गुलाब, प्रेम चंद, हरिराम, मुरलीधर, सरोज, आत्मा राम, लक्ष्मी, सोनी,सरिता, महेंद्र, सत्येंद्र, निलमती, कमलावती, बृजमोहन, ललिता, पूजा, प्रिया, तरुण, सोना, जमुना, किरन श्रीवास्तव, नीलकमल, हिमांशु, दिव्यांशु, सत्यम, नीरज आदि मौजूद रहे। सत्संग का संचालन नंदलाल वर्मा ने किया।