सिद्धार्थनगर। भीषण गर्मी के बीच सड़क किनारे बिक रहे ठंडे ड्रिंक्स अब लोगों की सेहत के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। रंग-बिरंगे शरबत, बर्फ के गोले और खुले में बिकने वाले जूस को लोग राहत के तौर पर पी रहे हैं, लेकिन गंदे पानी, मिलावटी बर्फ और खुले में रखे फ्लेवर से तैयार ये ड्रिंक्स अब संक्रमण का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं।
शहर के तेतरी बाजार, साड़ी चौराहा, बांसी, डुमरियागंज, नौगढ़, शोहरतगढ़, बढ़नी सहित सभी बाजारों से लेकर कस्बों और गांवों तक हर जगह गर्मी बढ़ते ही ऐसे स्टॉल की संख्या बढ़ गई है। सड़क किनारे बिना ढके रखे सिरप, खुले कंटेनरों में रखा पानी और आसपास भिनभिनाती मक्खियां आम दृश्य बन चुके हैं। कई जगहों पर बर्फ खुले में जमीन पर रखी मिलती है, जिसे सीधे ड्रिंक्स में इस्तेमाल किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पिछले कुछ दिनों में डायरिया, उल्टी और पेट दर्द के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, इनमें बड़ी संख्या बच्चों की है जो गर्मी में बर्फ के गोले और रंगीन शरबत का ज्यादा सेवन कर रहे हैं। नौगढ़ क्षेत्र के रहने वाले रणविजय श्रीवास्तव ने बताया कि उनके बच्चे को बर्फ का गोला खाने के बाद उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। डॉक्टरों ने इसे फूड-बोर्न इन्फेक्शन बताया।
फिजीशियन डॉ. गौरव दुबे बताते हैं कि कि इन ड्रिंक्स में इस्तेमाल होने वाला पानी और बर्फ सबसे बड़ा खतरा है। बिना फिल्टर का पानी और सस्ते, अस्वच्छ तरीके से तैयार बर्फ सीधे पेट के संक्रमण को बढ़ावा देती है। इसके अलावा खुले में रखे सिरप और फ्लेवर मक्खियों और धूल के संपर्क में आकर और भी खतरनाक हो जाते हैं।
स्थिति का चिंताजनक पहलू यह है कि इन स्टॉलों पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी लगभग न के बराबर है। न तो पानी की गुणवत्ता की जांच होती है और न ही स्वच्छता के मानकों का पालन कराया जाता है। ऐसे में लोग अनजाने में बीमारी को खुद खरीद रहे हैं।क