इटवा। ऐतिहासिक कस्बा बिस्कोहर की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बना एएनएम सेंटर बदहाल हो गया है। विभागीय उदासीनता के चलते ग्रामीणों का इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। केंद्र पर न तो पर्याप्त संसाधन है और न ही कोई सुविधा। ऐसे में ग्रामीण महिलाएं लंबी दूरी तय कर खुनियांव, इटवा के अस्पतालों पर जाने को मजबूर हैं।
365 कुओं, मंदिरों के गांव बिस्कोहर में मल्टी सेक्टोरियल प्लॉन के तहत वर्ष 2009-10 में बिस्कोहर में 5 लाख 90 हजार की लागत से एएनएम सेंटर का निर्माण कराया गया था। भवन निर्माण होने पर कस्बा सहित क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलने की उम्मीद जगी थी। ताकि महिलाओं को टीकाकरण व प्रसव आदि के लिये दूर नहीं जाना पड़ेगा। संसाधनों की कमी व विभागीय जिम्मेदारों की उदासीनता से कुछ दिन बाद उम्मीदें मायूसी में बदल गईं। कारण कैंपस में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं हैै।
साथ ही कमरे के फर्श टूट कर बिखरने लगा। सेंटर पर तैनात एएनएम शारदा देवी का कहना है कि हमें अस्पताल से मात्र टीकाकरण का सामान मिला है। शेष सुविधाओं के लिए विभाग सेे पत्र व्यवहार किया गया है। वहीं, सीएचसी प्रभारी भनवापुर डॉ. शैलेंद्र ओझा का कहना है कि जल्द ही संविदा पर एएनएम की नियुक्ति की गई है। जल्द ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।