अखिलेश पति के बहाने ‘आप’ का ब्राह्मण मतों पर निशाना
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिले के ब्राह्मण मतदाता होते हैं निर्णायक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आम आदमी पार्टी ने अभी से विधानसभा की चुनावी रणनीति के तहत ब्राह्मण मतदाताओं को रिझाने की कवायद शुरू कर दी है। ब्राह्मण मतों को सहेजने के लिए आप ने मॉडल टाउन (दिल्ली) विधायक अखिलेश पति को जिम्मेदारी दी है, वह संतकबीरनगर जिले के निवासी है।
सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी ने ब्राह्मण मतों को सहेजने के लिए भी अपने दांव चलने शुरू कर दिए हैं। जिले की एकमात्र डुमरियागंज लोकसभा और पांच विधानसभाओं में कपिलवस्तु, बांसी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ में ब्राह्मण मतदाता काफी अहम भूमिका निभाते हैं। लोकसभा चुनाव 2014 में जिले में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। हालांकि 2014 के चुनाव में आप के लोकसभा प्रत्याशी बदरे आलम को मात्र पांच हजार मतों से संतोष करना पड़ा था। जिसके बाद हुए विधानसभा चुनाव 2017 और लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी ने खुद को चुनाव से दूर रखा। अब 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की अच्छी खासी तादाद वाले ब्राह्मणों मतों को पार्टी ने सहेजने की कवायद तेज कर दी है। इसके मद्देनजर मेंहदावल कस्बा (संतकबीरनगर) निवासी और आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को जिले में सक्रिय किया गया है। वह दिल्ली विधानसभा में प्रिविलेज कमेटी के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने रविवार को कपिलवस्तु, बांसी और इटवा विधानसभा क्षेत्रों में दौरा कर कार्यकर्ताओं से संपर्क किया। अखिलेश पति ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में एक जाति विशेष की सरकार चल रही है। पार्टी 2022 का चुनाव दमदारी से लड़ेगी।
आक्सीजन स्तर जांच कर रहे कार्यकर्ता
इटवा विधानसभा क्षेत्र के भिलौरी राइस मिल चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में आप जिलाध्यक्ष धीरज गुप्ता के नेतृत्व में लोगों की आक्सीजन स्तर की जांच की गई। विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने कहा कि कोरोना महामारी में प्रदेश सरकार ने जिस तरह से लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दी है वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुखिया के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकर्ता डोर-टू-डोर पहुंचकर ऑक्सीमीटर के माध्यम से आक्सीजन लेवल चेक करेंगे।