जागरुकता से देंगे कोरोना को मात
आपदा मित्र तीसरी लहर से बचाव में निभाएंगे अहम भूमिका
कोरोना का नया स्वरूप क्या है, कैसे बचें, इसके बारे में देंगे जानकारी
70 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करके लिए लिया जाएगा सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना के नए स्वरूप का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जिले में भी नए स्वरूप से ग्रसित एक संक्रमित मिल चुका है। पहली और दूसरी लहर जैसी हालात उत्पन्न न होने पाएं। इसके मद्देनजर प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। इस बार आपदा मित्र कोरोना से बचाव में अहम भूमिका निभाएंगे। फ्रंटलाइन वर्कर की तरह से वे लोगों को संक्रमण के बारे में जानकारी देंगे। बचाव की तरकीब बताएंगे।
कोरोना का नया वायरस तेजी से फैल रहा है। देश के कई राज्यों के साथ जिले में भी दस्तक दे चुका है। विशेषज्ञों का दावा है कि इस वायरस का फैलाव तेज है। फरवरी माह में संक्रमण दर चरम पर रहने का अनुमान है। ऐसे में शासन ने कोरोना को मात देने के लिए स्वास्थ्य मकहमे को अलर्ट कर दिया है। साथ ही अन्य माध्यम से भी संक्रमण रोकने की कवायद शुरू हुई है। बाढ़ जैसे हालात में बचाव में अहम भूमिका निभाने वाले आपदा मित्र भी इस बार वायरस को मात देने के लिए लोगों को जागरूक करने का कार्य करेंगे। कोरोना की तीसरी लहर में ये आपदा मित्र फ्रंटलाइन वर्कर का जिम्मा संभालेंगे। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। 70 लोग इस कार्य में सहयोगी की भूमिका अदा करेंगे। इस संबंध में एडीएम उमाशंकर ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को मात देने के लिए आपदा मित्र का सहयोग लिया जाएगा। उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा और वे लोगों के बीच में जाकर उन्हें संक्रमण से बचाव के लिए प्रेरित करेंगे।
ब्लॉकस्तर पर बने थे आपदा मित्र
प्रशासन की ओर से आपदा से बचाव के लिए स्वयंसेवक के रूप में आपदा मित्र बनाए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक जिले के 14 ब्लॉक क्षेत्र से 70 लोगों ने आवेदन किया था और उन्हें आपदा मित्र बनाया गया था। बाढ़ से बचाव के लिए वे पहले ही प्रशिक्षित थे। अब दुनिया के लिए संकट बने कोरोना की तीसरी लहर से बचाव में सहायक बनेंगे।
कैसे करेंगे जागरूक
आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्र का नियमित भ्रमण करेंगे। यहां लोगों को कोरोना की तीसरी लहर के बारे में जानकारी देंगे। वे बताएंगे की इस बार संक्रमित होने वाले व्यक्ति में क्या लक्षण दिखेंगे। साथ ही मास्क लगाने, सामाजिक दूरी का पालन करने। जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाने, भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाने से परहेज करने। अगर कोई दिक्कत हो तो नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर जानकारी देंगे। आसपास में अगर कोई आता है तो उसे कोरोना जांच के लिए प्रेरित करने। किसी के संक्रमित होने की आशंका पर खुद चिकित्सक को जानकारी देने आदि की जानकारी देंगे।