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परिवार नियोजन के लिए भा रहा है अंतरा इंजेक्शन

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परिवार नियोजन के लिए भा रहा है अंतरा इंजेक्शन
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सिद्धार्थनगर। परिवार नियोजन में अंतरा इंजेक्शन, महिलाओं की पसंद बनने लगा है। भय और भ्रांति के कारण कतराने वाली महिलाएं भी अब इसका महत्व समझकर इसे अपना रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से इसके लिए महिलाओं को प्रेरित करना भी कारगर साबित हो रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि दो बच्चों के पैदा होने में अंतर रखने व अनचाहे गर्भ को रोकने में त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन कारगर है। इसके चलते पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष, गर्भ निरोधक इंजेक्शन लेने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग, परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए समुदाय को जागरूक करने के साथ ही स्थायी व अस्थायी, दोनों विधियों की सेवाएं प्रदान कर रहा है। स्थायी विधि में नसबंदी है, जबकि अस्थाई विधि में कॉपर टी, त्रैमासिक गर्भनिरोधक अंतरा इंजेक्शन, माला डी, माला एन आदि का इस्तेमाल है।
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के पल्टा देवी उपकेंद्र पर तैनात एएनएम गीता गुप्ता बताती हैं कि शुरूआती दौर में महिलाओं को अंतरा इंजेक्शन का लाभ देने में बड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। महिला माहवारी के दौरान अधिक रक्तस्राव होने के चलते इंजेक्शन लेने से घबराती हैं। इसके अलावा इंजेक्शन के प्रतिकूल प्रभाव का हवाला देकर पीछे हटती हैं। जब उन्हें समझाया जाता है कि माहवारी में अधिक रक्तस्राव, इंजेक्शन का नहीं, बल्कि यह सिर्फ हार्मोनल असर है, जो हानिकारक नहीं हैं। उसके बाद महिलाएं तैयार हो जाती हैं। इसके साथ पहली बार अंतरा इंजेक्शन लगवाने वाली महिला को दो बच्चों के बीच अंतर रखने में होने वाले फायदे भी समझाए जाते हैं।
74.85 फीसदी महिलाओं में बढ़ी अंतरा के प्रति रुचि
वर्ष 2020-21 में अप्रैल से लेकर मार्च माह तक 6050 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाए। वर्ष 2021-22 में अप्रैल से जनवरी तक 4117 महिलाओं ने अंतरा के प्रति रुचि दिखाई है। इस वर्ष के एक्सपेक्टेड लेवल ऑफ एचीवमेंट वार्षिक कार्यभार में 5500 के सापेक्ष अब तक 74.85 फीसदी महिलाओं का अंतरा के प्रति रुझान बढ़ा है।
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हर डोज पर 100 रुपये प्रोत्साहन राशि
त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन का लाभ लेने वाली महिला को प्रति डोज लगवाने पर 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि विभाग की ओर से दी जाती है। महिला के साथ आशा को भी प्रति डोज 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
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