-त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के महतिनियां खुर्द गांव निवासी का गोशाला के पास हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के भनवापुर-मन्नीजोत मार्ग पर महतिनियां खुर्द गांव के गोशाला के पास बुधवार को पैदल जा रहे आठ वर्षीय मासूम को बाइक सवार ने सामने से टक्कर मार दी। इस हादसे में उसकी मौत हो गई।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के महतिनियां खुर्द गांव निवासी राम गोपाल का लड़का सिद्ध विनायक (8) बुधवार को दोपहर गांव के गोशाला के पास स्थित आम के बाग में खेलने गया था। दोपहर करीब दो बजे सिद्ध विनायक सड़क की पटरी से होकर घर जा रहा था। अभी टाॅवर के पास पंहुचा ही था कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने सिद्ध विनायक को टक्कर मार दी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे पीएचसी भनवापुर पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर कर दिया। उसके बाद उसे डुमरियागंज के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां से डॉक्टरों ने बस्ती रेफर कर दिया।
परिजनों ने उसे बस्ती के ओपेक कैली अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान रात आठ बजे सिद्ध विनायक ने दम तोड़ दिया। दुर्घटना में मौत होने की सूचना बस्ती पुलिस को देकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। समाचार लिखे जाने तक शव घर पर नहीं आया था। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी है। परिवार के लोग पीएम करा रहे हैं, अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
इकलौते बेटे की मौत से मां-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल
फोटो- है
-त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के महतिनियां खुर्द गांव निवासी आठ वर्षीय मासूम की सड़क दुघर्टना में हो गई मौत
मनोज कुमार शुक्ल
भनवापुर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के महतिनियां खुर्द गांव निवासी राम गोपाल के इकलौते बेटे सिद्ध विनायक (8) की बुधवार देर रात इलाज के दौरान हुई मौत हो गई। बहनों में इकलौते भाई की मौत से मां कमलावती के साथ बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के करुण रूदन देख हर किसी का कलेजा मुंह में आ जा रहा है।
कहते हैं ईश्वर के सामने किसी का जो नहीं चलता है।चार बेटियों में तीसरे नंबर के सिद्ध विनायक को पिता व मां ने बड़े ही लाड प्यार से पाला था कि बुढ़ापे की लाठी बनेगा मगर ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था,जो एक झटके में सारे अरमानों पर पानी फेर दिया। मां घर पर रहकर मेहनत मजदूरी करती है तो, पिता मुंबई मेंं रहकर रोजी रोटी करता है। बुधवार की वह रात काली रात गोपाल के जीवन में अंधेरा लेकर आई जब पिंका, शीला, नाजुका व प्यहू में तीसरे नंबर के बेटे की मौत की खबर सुनी। बेटे की मौत की खबर सुन मुंबई से पिता घर के लिए चल दिए हैं। सिद्ध विनायक के मौत की खबर सुन कर गांव व रिश्तेदारों की घर पर लगी भीड़ के बीच इकलौते बेटे को तलाश रही मां, दहाड़े मार कर रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी।मां कमलावती के करुण रूदन देख वहां मौजूद हर किसी की आंखों से बरबस आंसू निकल रहे थे।