जिला जज व डीएम के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित आज से लौटेंगे काम पर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनपद मुख्यालय, बाह्य न्यायालय बांसी एवं डुमरियागंज तहसील मुख्यालय पर विधि व्यवसायरत सभी अधिवक्ता सोमवार से ग्रामीण न्यायालय की स्थापना के विरोध में पूर्ण रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अधिवक्ताओं के हड़ताल पर रहने के कारण किसी भी न्यायालय या न्यायिक अधिकरण में न्यायिक कार्य नहीं हो रहा है। इससे वादकारियों को निराश होकर तारीख लेकर वापस लौटना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने एकत्रित होकर इस संबंध में कई बार ज्ञापन देकर ग्रामीण न्यायालय की स्थापना को रद्द करने की मांग की।
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदु कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल के संचालन में छह मई को कार्यकारिणी की आकस्मिक बैठक बुलाकर इटवा में स्थापित ग्रामीण न्यायालय के अतिशीघ्र प्रारंभ होने से अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को होने वाले नुकसान के चलते इसके विरोध में विचार-विमर्श के बाद इसके दुष्परिणामों एवं अधिवक्ता व वादकारियों के हितों पर होने वाले कुठाराघात को देखते हुए कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।
सभी अधिवक्ता ग्रामीण न्यायालय की स्थापना रद्द करवाने के लिए अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले गए। ग्रामीण न्यायालय की स्थापना रद्द किए जाने तक सभी अधिवक्ता अनिश्चितकाल तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। अनिश्चितकालीन हड़ताल की सूचना सभी न्यायालयों एवं अधिकरणों में सूचनार्थ प्रेषित कर दी गयी थी। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, सभी राजस्व न्यायालयों, चकबंदी न्यायालयों, जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग एवं तहसील न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं हो रहा है और न ही बांसी और डुमरियागंज स्थित बाह्य न्यायालय तहसील न्यायालयों में कार्य हो रहा है।
इस दौरान मुकदमों की सभी कार्रवाई मुल्तवी होकर अगले तारीख के लिए मुकर्रर कर दी जा रही हैं और वादकारियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। जमानतें और रिहाई न हो पाने की वजह से जेल में भी अतिरिक्त भार बढ़ रहा है और पहले से ही जेल में क्षमता से अधिक कैदी भरे हुए हैं।