आंगनबाड़ी केंद्रों पर बनेंगे ‘न्यूट्रियंट गार्डेन’
मौसमी फल, माइक्रो न्यूट्रेंट और पोषकीय पौध होंगे रोपित
जनपद में 200 केंद्र होंगे चयनित, मॉडल के रूप में संवरेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले के 200 आंगनबाड़ी केंद्र मॉडल के रूप में संवारे जाएंगे। अंग्रेजी माध्यम के प्ले ग्रुप जैसी सुविधाएं यहां अध्ययनरत बच्चों को मिलेगी। एनीमिया कुपोषण समेत विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए परिसर में ‘न्यूट्रियंट गार्डेन’ विकसित किया जाएगा। बागीचे में मौसमी फल, माइक्रो न्यूट्रियंट समेत विभिन्न प्रकार के पोषकीय पौध उगाए जाएंगे।
प्रदेश के आठ अतिपिछड़े जिलों में सिद्धार्थनगर भी शामिल है। यहां कुपोषण और एनीमिया से गर्भवती महिलाएं व बच्चे सर्वाधिक चपेट में हैं। यही कारण है कि यहां मातृ-शिशु मृत्युदर प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा ज्यादा है। अभी तक इस समस्या से निदान को गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को पोषक आहार दिए जा रहे हैं, लेकिन अब इस व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए नीति आयोग ने बड़ी पहल की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी कुलकर्णी ने बताया कि 200 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चिह्नित जाएगा। यहां वे सारी सुविधाएं मुकम्मल रहेंगी, जो बच्चों की सेहत से लेकर सकारात्मक सोच पैदा करने के लिए जरूरी होंगी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
केंद्र की चहारदीवारी होगी। बच्चों के बैठने के लिए लोहे के बेंच, तरह-तरह के खिलौने, रंगबिरंगी कुर्सियां और परिसर में ‘न्यूट्रियंट गार्डेन’ भी होगा। इसमें मौसमी फल, आयरन, समेत कई तरह के पोषकीय पौधे लगाए जाएंगे, जिनका उपयोग बच्चों के भोजन में नियमित किया जाएगा।