डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित शाह अब्दुर्रसूल उर्फ मीरा बाबा की प्राचीन मजार पर दो दिवसीय सालाना उर्स सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाकर अपनी मन्नतें मांगीं और अमन, खुशहाली व आपसी भाईचारे की दुआ की।
हिंदू और मुस्लिम समुदाय की साझा आस्था के केंद्र मानी जाने वाली इस मजार पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। उर्स की शुरुआत कुरान ख्वानी से हुई, जिसके बाद अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाकर फातिहा पढ़ी और नजर-नियाज अदा की।
इमाम बारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी के मुतवल्ली नौशाद हैदर एडवोकेट के नेतृत्व में गुलाम अली ईदू, कामयाब बबलू और गुड्डू बाबा सहित अन्य लोगों ने मजार पर चादर पेश की। इसके बाद श्रद्धालुओं का सिलसिला लगातार चलता रहा। दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने मजार पर माथा टेककर अपने परिवार की सलामती, खुशहाली और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कई परिवारों ने परंपरा के अनुसार बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया। उर्स के अवसर पर मजार परिसर और आसपास मेले जैसा माहौल दिखाई दिया। लाइ, खाजा, गट्टा, मिठाई, खिलौने और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों पर लोगों ने खरीदारी की।
आयोजकों के अनुसार उर्स का समापन मंगलवार शाम को होगा। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मौके पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।