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समग्र विकास में धन की कमी आ रही आड़े

Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
Siddhartha nagar
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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श ग्राम योजना से लोगों में उत्साह जगा है। लेकिन पूर्व में प्रदेश सरकारों के तरफ से गांवों के विकास लिए संचालित योजनाओं का अधूरा हश्र देखकर लोग चितिंत भी है। इसका कारण यह है कि इन गांवों में विद्युतीकरण के लिए अलग से कोई बजट नहीं है और प्रत्येक गांवों में पक्की सड़कों व नालियों के लिए अधिकतम 40 लाख रुपये ही मिल रहे है।
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17 मई 2012 को प्रदेश के समस्त डीएम को भेजे पत्र में मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने पूर्व में संचालित डॉ अंबेडकर ग्राम विकास योजना को समाप्त करते हुए डॉ लोहिया ग्राम विकास योजना संचालित करने संबंधी जानकारी दी। लोहिया ग्राम विकास योजना का उद्देश्य गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विकास और लाभार्थी परक योजनाओं से संतृप्त करना था। इसके तहत चयनित गांवों में कुल 22 विभागों के 36 विकास कार्यक्रम संचालित होने है। इसमें संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण, आंतरित गलियों, नालियों व स्वच्छ शौचालयों का निर्माण समेत आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराने आदि योजनाएं शामिल है। इस योजना में वित्तीय वर्ष 2012-13 में जिले के 24 ग्राम चयनित हुए। इसके बाद 2013-14 में 33 और वर्ष 2014-15 में भी 33 ग्रामों का चयन इस योजना के तहत हुआ है। इस तरह अब तक जिले के कुल 90 ग्रामों का चयन डॉ लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत हो चुका है। इनके समग्र विकास की तस्वीर इसलिए धुंधली है कि इन गांवों के विद्युतीकरण योजना के लिए अलग से बजट नहीं दिया गया है।
पूर्व में विद्युतीकृत या फिर केंद्र सरकार के तरफ से संचालित राजीवगांधी विद्युतीकरण योजना या अन्य योजनाओं से ही इन गांवों का विद्युतीकरण किया जा सकता है। इसलिए कई गांवों में या तो विद्युतीकरण हुआ ही नहीं है या फिर अधूरा है। इसी तरह जिले के प्रत्येक समग्र ग्रामों पक्की सड़कों व नालियों के निर्माण के लिए मात्र 40 लाख रुपये ही आवंटित किए गए है। इस कारण कई बड़े या कई टोलों में बंटे गांवों में पक्की सड़कों व नालियों का निर्माण कार्य अधूरा है।
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समग्र ग्राम में चयनित किए गए छोटे ग्राम पंचायतों में सीसी सड़क निर्माण के लिए 20 से 30 लाख रुपये तक, बड़ी ग्राम पंचायतों के लिए अधिकतम 40 लाख रुपये आवंटित किए गए है। शेष सड़क निर्माण बाद में अन्य बजट से कराने का निर्देश है।
- बीडी पांडे, डीपीआरओ
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समग्र ग्राम में अलग से विद्युतीकरण के लिए बजट नहीं आता है। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों में विद्युतीकरण कार्य कराया जाता है, या फिर विभाग से सामग्री मिलती है। लेबर बजट का स्टीमेट भेजा जाता है जो स्वीकृत होने के बाद मिलता है।
- पीएन प्रसाद, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग
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समग्र ग्रामों में विद्युतीकरण कराने संबंधी बजट या धन आवंटन संबंधित विभाग से जुड़ा है। इसके बाबत हम लोगों को कोई जानकारी नहीं होती है। - अखिलेश तिवारी, सीडीओ
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