राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते के बाद एक हुए तीन जोड़ों के साथ जिला जज व अन्य न्यायिक अधिकारी।
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सिद्धार्थनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयोजन में रविवार को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय के साथ ही बांसी, डुमरियागंज, जिला कारागार और सभी राजस्व व चकबंदी न्यायालयों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 9815 मुकदमों का निस्तारण हुआ। मोटर दुर्घटना के 10 मामलों में पीड़ित पक्ष को 32.70 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। सात लाख 81 हजार रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और बैंक ऋण के 25.14 लाख रुपये की टोकन मनी जमा कराई गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में 22 जोड़ों के मध्य समझौता कराकर विदा किया गया।
लोक अदालत में जिला जज केके अस्थाना ने कुल 44 वादों का निस्तारण करते हुए 31.90 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई। एडीजे इंद्रीश कुमार ने बिजली चोरी से संबंधित आठ मामलों का निस्तारण किया। एडीजे राजकुमार सिंह ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर का एक वाद निस्तारित किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्याम नारायण त्रिपाठी ने 49 वादों का निस्तारण किया। सीजेएम संजय चौधरी ने फौजदारी के 429 वाद निस्तारित किए। सिविल जज सीनियर डिविजन महेंद्र कुमार ने कुल 198 मामलों का निस्तारण कर 7.81 लाख का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। सिविल जज सीनियर डिविजन ज्योति ने कुल 188 वाद का निस्तारण कर 36600 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूला।
सिविल जज जूनियर डिविजन विनोद शर्मा ने फौजदारी के 999 वाद निस्तारित किए। इसके अलावा सभी तहसीलों से 5397, थानों से 3334 और एआरटीओ में 2 वादों का निस्तारण हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि लोक अदालत में पूर्वांचल बैंक के 51, पीएनबी के 3, बैंक ऑफ बड़ौदा के 1, एसबीआई के 11 मामलों का भी निस्तारण हुआ।