सिद्धार्थनगर। पिछले 30 घंटों से भारी बारिश और नेपाल के पहाड़ी नदियों से लगातार पानी आने के चलते जिले में बाढ़ के हालात बन गए हैं। बूढ़ी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर पहुंच गया है। घोघी भी करीब 40 सेमी ऊपर बह रही है। राप्ती और कूड़ा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं। इन नदियों में तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। जिले को सबसे ज्यादा खतरा बानगंगा से है। बैराज पर रविवार की शाम 91.10 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। यहां खतरे का निशान 93.42 मीटर है। पानी के दबाव से बांध को सुरक्षित रखने के लिए लगातार पानी निकाला जा रहा है, लेकिन नेपाल से आने वाले पानी की रफ्तार को देखते हुए खतरा बना हुआ है।
बांध डैमेज हुआ तो फिर बड़ी तबाही मचेगी। प्रशासन भी इसे लेकर अलर्ट है। आशंका जताई जा रही है कि अगर नेपाल से पानी आने का क्रम ऐसे ही बना रहा तो अगले कुछ घंटों में स्थिति भयावह हो सकती है। शनिवार की शाम से जिले में तेज बारिश का क्रम शुरू हुआ है, जो लगातार जारी है। इसका असर नदियों के जलस्तर पर पड़ा है। उधर, नेपाल में भू-स्खलन, बादल फटने और बाढ़ के चलते वहां से भारी मात्रा में पानी नदियों में छोड़ा जा रहा है। नतीजा सीमावर्ती जिले में बाढ़ की स्थिति बन गई है।
रविवार की सुबह तक ही नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई थी, जो लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक बूढ़ी राप्ती और घोघी फिलहाल खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इन नदियों में बाढ़ से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के 8 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें तौलिहवां, प्रतापपुर, कोमरी टोला अमहवा, संतोरी, सेमरहवा, खैरी शीतल प्रसाद, तालकुंडा, इमिलिया शुमाली शामिल हैं। हालांकि प्रशासनिक दावे से इतर इस क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में बाढ़ की स्थिति है। अपर जिलाधिकारी व आपदा नियंत्रण के प्रभारी प्रमोद शंकर शुक्ला का कहना है कि नदियों जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। सभी एसडीएम को अलर्ट करते हुए गांवों में जाकर लोगों से संपर्क कर आगाह करने को निर्देशित किया गया है। बानगंगा के हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रेनेज खंड व निर्माण खंड के एक्सईएन नेपाल के बांधों से छोड़े जा रहे पानी को लेकर संपर्क बनाए हुए हैं।
नदियों का जलस्तर
नदी खतरे का निशान जलस्तर (मीटर)
बानगंगा 93.42 91.10
जमुआर 84.80 82.50
राप्ती 84.90 83.98
बूढ़ी राप्ती 85.65 86.30
तेलार 87.50 85.90
कूड़ा 87.20 86.50
घोघी 87.00 87.40
(आंकड़े रविवार की शाम 5 बजे तक का है।)
कई मार्गों पर आवागमन बंद, नाव से आ-जा रहे लोग
हजारों बीघे धान की फसल डूबी, पलायन करने लगे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
परसा। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के विभिन्न मार्गों के कटने और मार्गों पर दो से तीन फुट पानी आ जाने के कारण आवागमन अवरुद्ध हो गया है। औदही खुर्द-खरिकौरा के पास पुल बह जाने से औदही खुर्द-बसंतपुर मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। इसी प्रकार इमिलिया-चंदवा के बीच मार्ग कट जाने से आवागमन बाधित है। पिपरा-कपसिहवा, कोटिया-पिपरा, गनेशपुर मुख्य मार्ग, हलौरा गांव में शोहरतगढ़-बढ़नी हाइवे से जुगदिहवा-धनौरा मार्ग, तुलसियापुर-कठेला पीडब्लूडी मार्ग, इटहिया-कचरिहवा मार्ग, करौता-चिरहगना मार्ग, हसुड़ी उर्फ गेहड़ी मार्ग पर बाढ़ का पानी तआने से आवागमन बाधित है। बानगंगा, बूढ़ी राप्ती, घोरही नदियों व सुरही, सोतवा नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से खैरी शीतल प्रसाद के खैरी , टीकर, करौता, पन्नापुर, चिरहगना, नकोलेडीह, मुरव्वनडीह, तालकुंडा ग्रामसभा के तमकुहवा व गोनहा, तौलिहवा ग्रामसभा के तौलिहवा, बालानगर, कचरिहवा, इटहिया, लालनगर व फुलवरिया ,बसहिया के रामगढ़, नौडिहवा, कोमर, पिपरा, कपसिहवा, कोटिया, गनेशपुर, हल्लौरा, गोल्हौरा, खुरहुरिया, अर्री, बोहली, खरिकौरा, औदही, बसंतपुर, बेनीनगर, हंसुड़ी उर्फ गजेहड़ी आदि गांवों में हजारों की आबादी व हजारों बीघे की धान की फसल डूब गई है।
एसडीएम ने लिया प्रभावित क्षेत्रों का जायजा
परसा। नेपाल से अचानक पानी के कारण बिगड़ते हालात का जायजा लेने एसडीएम शोहरतगढ़ एसपी सिंह व तहसीलदार संतोष कुमार ओझा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। खैरी शीतल प्रसाद, मटियार उर्फ भुतहवा, पकड़िहवा, जमधरा, पिकौरा, तालकुंडा, तौलिहवा, चंदवा, चंदई, बोहली, कोमर आदि गांवों में जाकर बाढ़ का हाल जाना। राजस्व निरीक्षक अतीकुर्रहमान, बढ़नी के अजीज, लेखपाल पंचमराम पटेल, सुरेंद्र यादव, सुनील सिंह, अमीन विश्वकुमार मिश्र रामचंद्र आदि मौजूद रहे।
मदद को पहुंचे विभिन्न दलों के लोग
परसा। नदियों के बढ़े जलस्तर से पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। पीड़ितों को तसल्ली देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। हियुवा के जिला महामंत्री अजय सिंह, बढ़नी ब्लाक अध्यक्ष सुग्रीम चौधरी, सपा के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, समाजसेवी भरतकिशोर चौधरी, राधेश्याम चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही राप्ती
बांसी। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से तट पर बसे गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। नगर स्थित केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र से रविवार को मिली रिपोर्ट राप्ती नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। राप्ती नदी की वर्तमान स्थिति 83.98 है, जो खतरे के निशान से लगभग एकमीटर नीचे है। नदी का बढ़ाव लगातार जारी है। देर रात तक जलस्तर में भारी वृद्धि का अनुमान है। उधर, बूढी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के तट पर बसे खेतवल तिवारी, नरकटहा, सतवाढी, नवईला, डढ़िया, भगौतापुर आदि गांव की अधिकांश धान की फसल जलमग्न हो गई है।