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बारिश से मुश्किल में शहरवासी, बढ़ी परेशानी

Sat, 11 Aug 2018 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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मुख्यालय के थरौली प्राथमिक विद्यालय पर भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। शुक्रवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश शनिवार दोपहर को बंद हुई। भारी बरसात के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है। इससे नगरवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई सरकारी कार्यालयों ही नहीं सरकारी अस्पताल में भी जलभराव हो गया है। मुुख्यालय समेत आसपास के गांवों में भी ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है।
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मानसून सत्र शुरू होने के बाद पहली बार झमाझम हुईं बारिश से आमजन को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। किसानों को खेती के लिए बारिश मुफीद साबित हुआ। भारी बरसात के कारण शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है। शहर के भीमापार, थरौली में लोगों का राह चलना दूभर हो गया है। कीचड़ युक्त सड़क पर पैदल ही नहीं वाहनों से भी रास्ता तय करना कठिन हो गया है। जलभराव से सरकारी कार्यालय व स्वास्थ्य केंद्र भी अछूते नहीं है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड का कार्यालय व आवासीय कॉलोनी जलमग्न हो चुका है। अधिकारियों, कर्मचारियों को कार्य करने के साथ ही रहने में भी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सबसे दयनीय स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ की है। बारिश से अस्पताल परिसर ही नहीं सभी कमरों में पानी घुस गया। शनिवार को टीका लगवाने वाले परिवारों के अलावा प्रसव के लिए पहुंचने वाले मरीजों व तीमारदारों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी। बर्डपुर प्रतिनिधि के मुताबिक बर्डपुर कस्बा निवासी पुनीत जायसवाल ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि एनएच-233 सड़क पर गड्ढे में बारिश का पानी भरा होने के कारण प्रार्थी के घर में पानी घुस जा रहा है। परिवार का घर में रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने तत्काल पानी की निकासी की मांग की है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ की तस्वीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लगभग 6 माह पूर्व कार्यक्रम लगने के बाद भी नहीं बदल सकी। वह यहां नहीं आए पर, उनके कार्यक्रम के मद्देनजर रंग-रोगन के साथ ही परिसर समेत आवासीय कॉलोनी में कुछ दूरी तक इंटरलॉकिंग कार्य भी हुए। इसके बाद भी स्थिति में कोई तब्दीली नहीं हुई। तत्कालीन सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश शर्मा ने भवन को ध्वस्त कराकर नए भवन बनवाने की पहल करते, उससे पहले सीएम ने भिटिया में गड़बड़ी मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया।
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डुमरियागंज। मूसलाधार बारिश से शनिवार को प्रशासनिक कार्यालयों व कर्मचारियों का आवास जलमग्न हो गया। कई दुकानदार जलनिकासी के लिए बने नाले के चोक होने से दुकान में पानी घुसने के डर से परेशान रहे। तेज बारिश से नगर में जलनिकासी के लिए बने नाले व नालियां उफना गईं। इसके बाद बारिश का पानी उसके ऊपर बहने लगा। जिला परिषद मार्केट में बने नाले के उफनाने से वहां की दुकानों में पानी घुसने का डर दुकानदारों को सताने लगा, लेकिन नगर निगम के कर्मियों ने किसी तरह पानी निकाला। बारिश के चलते ब्लॉक व तहसील परिसर, थाना परिसर व आरक्षी आवास, सीओ ऑफिस व आवास, बीआरसी परिसर, तहसीलदार आवास सहित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का मैदान जलमग्न हो गया। इसी क्रम में क्षेत्र के जखौली, बड़हरा, रमवापुर नेबुआ आदि गांव में बरसात का पानी भरने खेत खलिहान जलमग्न हो गए। जिसे लोगों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शिवकुमार ने बताया कि मूसलाधार बारिश होने से कुछ जगहों पर जलभराव हुआ है। बारिश थमने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है।

बरसात में स्कूली बच्चों को खतरा
भारी बरसात में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित कई विद्यालयों के बच्चों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। जर्जर भवनों के धराशायी होने की आशंका खड़ी हो गई है। सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय थरौली भवन के जर्जर होने की सूचना ग्राम प्रधान अनारमती व प्रधानाध्यापक कंचन मिश्रा ने लिखित रूप से दी है। इसी प्रकार पूर्व माध्यमिक विद्यालय रोमापार में भी छत व दीवार जर्जर होने से कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। इसकी भी सूचना बीएसए को दी गई है। इसके अलावा ग्राम महनगा में प्राथमिक विद्यालय भवन की स्थिति ठीक नहीं है।
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