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पहले दिन ही बच्चों को नहीं मिला गरमागरम भोजन

Fri, 10 Aug 2018 11:34 PM IST
siddharthnagar
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डुमरियागंज। लगभग दो वर्ष बाद आंगनबाड़ी बच्चों को फिर से गरमागरम भोजन परोसने की सरकारी योजना पहले ही दिन हवा-हवाई साबित हुई। जिले में हॉट कुक्ड योजना की शुरूआत 10 अगस्त से होनी थी। लेकिन जिले के 3112 केंद्रों पर पंजीकृत तीन से 6 साल तक के पौने दो लाख बच्चों को हॉट कुक्ड योजना का लाभ नहीं मिल सका।
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इसके पहले लापरवाही के कारण हॉट कुक्ड योजना को वर्ष 2016 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद बच्चों की सेहत और नौनिहालों को अक्षर ज्ञान सिखाने की नीयत से सरकार ने फिर से योजना को शुरू करने की पहल की। मगर इस बार भोजन पकाने की व्यवस्था सीधे तौर पर परिषदीय विद्यालयों के रसोइयों को देने की योजना तैयार की गई। इसके एवज में उन्हें प्रति बच्चा एक रुपये के हिसाब से अलग से भुगतान करने का खाका बनाया गया। प्रति बच्चे पर सब्जी, तेल, मसाला पर सवा दो रुपये, 50 पैसा ईंधन पर व 25 पैसे गेहूं व चावल की ढुलाई पर और 50 पैसा सहायिका व एक रुपये रसोइयों को पारिश्रमिक के साथ कुल 4.5 रुपये खर्च करने का निर्देश जारी कर 10 अगस्त 2018 से योजना का शुभारंभ करने को कहा गया। मगर सारी योजना तैयार होने के बावजूद भी खातों में फूटी कौड़ी नहीं आई। इससे पहले दिन बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध करवाने की योजना फेल हो गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि हॉट कुक्ड योजना के तहत खातों में धन नहीं आया है। इसके कारण पहले दिन बच्चों को गर्म भोजन नहीं मिल सका।

बच्चों के लिए भोजन की मात्रा बढ़ी
पिछली बार की तुलना में इस बार बच्चों को 20 ग्राम अधिक भोजन दिया जाएगा। पहले 50 ग्राम भोजन दिया जाता था। अब 70 ग्राम मिलेगा। पका पकाया भोजन मिड-डे-मील के मीनू के हिसाब से दोपहर में मिलेगा।
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