सिद्धार्थनगर। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ जिला इकाई के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गईं। छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारे लगाए और डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नीलम पांडेय ने कहा कि कुपोषण के खात्मे के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका पूरी निष्ठा से लगातार काम कर रही हैं। बावजूद उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही। केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग लंबित पड़ी हुई है। पेंशन योजना के लाभ से कार्यकर्ताओं को वंचित रखा गया है। नाम मात्र का मानदेय दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को 15 हजार व सहायिकाओं को 10 हजार रुपये मानदेय की मांग पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। पोषाहार ढुलाई के भुगतान व उसमें वृद्धि की भी मांग उठाई। धरने में जिला संरक्षक रामप्रताप विश्वकर्मा, जितेंद्र दुबे, शिवशंकर पांडेय, प्रहलाद, जिला उपाध्यक्ष रेनू यादव, सुनीता देवी, सुमन दुबे, रेनू यादव, शशिकला, कोकिला, रेशमा, शारदा, फूलमती, तारा देवी, मीना पांडेय, कुसुम पांडेय, इंद्रावती आदि शामिल रहीं।
एसोसिएशन ने मानदेय वृद्धि के लिए सरकार को याद दिलाया
सिद्धार्थनगर। आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन बढ़नी ब्लॉक इकाई की बैठक बढ़नी ब्लॉक परिसर में हुई। एसोसिएशन द्वारा मानदेय वृद्धि के लिए सरकार को याद दिलाया गया। बैठक में मानदेय वृद्धि को लेकर सरकार को वायदे की याद दिलाते हुए जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि मानदेय वृद्धि के लिए सरकार ने 120 दिन का समय मांगा था। यह मियाद 18 जुलाई को पूरी होगी। लिहाजा इस अवधि तक कार्यकर्ता इंतजार में हैं। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिलकर अपनी बात रखेगा। कार्रवाई न होने पर सितंबर माह में हुए धरने से भी व्यापक पैमाने पर इस बार धरना होगा। बैठक में निर्मला श्रीवास्तव, ममता चौधरी, कुसुम सिंह, शीला, फरीदा बानो, इंदुमती आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता जिला संरक्षक मकबूल आलम ने की। ब्यूरो