सिद्धार्थनगर। जीएसटी पर पहले दिन लोगों में दुविधा बनी रही। नए रेट को लेकर असमंजस के चलते ग्राहक अलग-अलग स्तर पर उसकी पड़ताल करते रहे। वाणिज्य कर विभाग में स्थापित हेल्प डेस्क के फोन भी बार-बार घनघनाते रहे। दोपहर में तेतरी बाजार से एक व्यक्ति ने फोन कर गैस सिलेंडर का अधिक दाम लेने की शिकायत की। कहा कि पहले के सापेक्ष 20 रुपये अतिरिक्त चार्ज किया जा रहा है। फोन लाइन पर मौजूद अफसरों ने पक्का बिल लेने की सलाह दी। बताया कि अगर इस रेट पर पक्का बिल देता है तो कोई बात नहीं, वरना लिखित आवेदन दें, डीएसओ के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी। ऐसी अन्य शिकायतें भी पूरे दिन आती रहीं।
शुक्रवार की रात 12 बजे संसद भवन में घंटा बजने के साथ ही पूरे देश में जीएसटी प्रभावी हो गया है। अब तक प्रचलित वैट, सेल टैक्स, सर्विस टैक्स सहित अन्य सभी कर जीएसटी में समाहित किए गए हैं। जीएसटी लागू होने के बाद आम उपभोक्ता वस्तुओं के रेट कम होने के दावों के चलते लोगों में असमंजस की स्थिति रही। नए रेट पर संदेह बना रहा। कई क्षेत्रों में पुराने दर पर ही सामान बेचे जाने से ग्राहक असंतुष्ट दिखे। वहीं कई जगह नए रेट अधिक लिए जाने की शिकायतें होती रहीं। दुकानदार पुराना स्टॉक का हवाला देकर ग्राहकों को आश्वस्त करते रहे। जीएसटी के नए साफ्टवेयर के साथ तालमेल बिठाने में व्यापारी मशगूल रहे। इसके लिए भी हेल्प डेस्क के फोन लगातार घनघनाते रहे। डिप्टी कमिश्नर ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि फोन कर लोग रेट को लेकर पूछताछ कर रहे थे तो कुछ व्यापारियों ने जीएसटी में पंजीयन को लेकर अपनी जिज्ञासा दूर की। पहले दिन को लेकर जो आशंकाएं थी, उसके विपरीत स्थिति काफी सुविधाजनक रही।
वाणिज्य कर कार्यालय में मना जीएसटी-डे
सिद्धार्थनगर। सिविल लाइन स्थित वाणिज्य कर कार्यालय परिसर में शनिवार को जीएसटी-डे मनाया गया। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-टू जेएस बुद्धियाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों, अधिवक्ताओं व आम लोगों को जीएसटी के फायदे बताए गए। अफसरों ने कहा कि अब किसी तरह का लेन-देन जीएसटी के अंतर्गत होगा। इसके अतिरिक्त कोई कर नहीं वसूल किया जाएगा। पूरे देश में यह कर प्रणाली प्रभावी हो चुकी है, जो अब तक प्रचलित करों के सापेक्ष सरल और सुविधाजनक है। व्यापारी स्वयं जीएसटी की वेबसाइट पर लॉगइन कर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसी भी तरह की दुविधा पर विभाग से संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर ज्ञान प्रकाश सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर निखिल वाजपेई, उमाशंकर विश्वकर्मा, वाणिज्य कर अधिकारी प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
असमंजस में यहां करें संपर्क
जीएसटी को समझने में कोई परेशानी आए तो वाणिज्य कर कार्यालय परिसर में स्थापित हेल्प डेस्क पर संपर्क कर सकते हैं। सुबह आठ से रात्रि आठ बजे तक प्रभावी हेल्प डेस्क पर सहायक आयुक्त व एक वाणिज्य कर अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। उपभोक्ता 7235003658 नंबर डायल कर हेल्प डेस्क की मदद ले सकते हैं।