इटवा। एसडीएम इटवा ने चिकित्सा अधीक्षक इटवा, संगिनी और आशाओं के साथ गुरुवार को इटवा सीएचसी में बैठक की। इसमें कुछ मकतब और अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों द्वारा टीकाकरण न किए जाने के मामले पर चर्चा हुई। शत प्रतिशत टीकाकरण कराए जाने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के मामले में संस्थानों द्वारा यदि सहयोग नहीं दिया जाता तो मान्यता समाप्त करने की रिपोर्ट भेजी जाए।
एसडीएम त्रिभुवन ने आशाओं व संगनियों से कहा कि क्षेत्र में जो मकतब या अन्य विद्यालय टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। वहां गांव के लोगों को बुलाकर समझाएं और ग्राम प्रधान के साथ रैली करें। मकतब में जाकर टीचर और बच्चों से बातें करें और घर-घर जाकर महिलाओं को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करें। यदि कोई आशा घर-घर जाकर लोगों को नहीं समझाती हैं और सार्थक प्रयास नहीं करती हैं तो उन संगनियों व आशाओं की सेवा समाप्त कर दी जाएगी। टीकाकरण का बहिष्कार करने वाले मकतब स्कूलों में तहसीलदार, बीडीओ, बीईओ आदि अधिकारियों की नियुक्ति की गई है जो 100 फीसदी टीकाकरण कराना सुनिश्चित करेंगे। चिकित्सा अधीक्षक इटवा को आदेशित किया गया कि तहसील स्तर पर मुस्लिम धर्म गुरुओं, ग्राम प्रधानों के साथ जागरूकता बैठक आयोजित हो तथा सीओ पुलिस इटवा की उपस्थिति में मकतब स्कूलों से रैली निकाली जाए जिसमें क्षेत्राधिकारी इटवा भी उपस्थित रहेंगे। इसके बावजूद यदि कोई मकतब तथा अन्य स्कूल टीकाकरण में सहयोग नहीं करते हैं तो ऐसे विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी जाए।
मदरसे के बच्चों ने टीकाकरण के लिए निकाली रैली
इटवा। क्षेत्र के सेमरा गांव में स्थित मदरसे के बच्चों व मुस्लिम समुदाय के लोगों ने टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए रैली निकाली। लोगों को टीकाकरण कराने के लिए जागरूक किया। गुरुवार की सुबह गांव के विद्यालय से निकली रैली में खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया। मौलानाओं ने बताया कि जो लोग टीकाकरण का बहिष्कार कर रहे हैं उन्हें जागरूक करना जरूरी है। रैली में मौलाना शकील, मौलाना अख्तर आलम, मौलाना शौकत अली, मौलाना शराफत अली, मौलाना वसीम, मलिक रज्जाक, मलिक हाजी सबूर, मुर्तजा हुसैन आदि शामिल हुए।